
देहरादून में जनपद उधमसिंहनगर के काशीपुर क्षेत्र के पैगा गांव निवासी किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। इस प्रकरण को लेकर उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
पुलिस मुख्यालय का घेराव, सीबीआई जांच की मांग
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के नेतृत्व में सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से जुलूस निकाला और पुलिस मुख्यालय का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने किसान सुखवंत सिंह की मौत की सीबीआई जांच कराए जाने की मांग करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
पुलिस प्रताड़ना के आरोप
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि 10 जनवरी 2026 को किसान सुखवंत सिंह ने पुलिस प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या की। मृतक ने भू-माफियाओं द्वारा की गई धोखाधड़ी की शिकायत पुलिस से की थी, लेकिन कार्रवाई करने के बजाय कथित रूप से पुलिस ने आरोपियों को संरक्षण दिया। कांग्रेस का कहना है कि शिकायतकर्ता किसान को ही लगातार प्रताड़ित किया गया, जिससे वह मानसिक दबाव में आ गया।
कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि काशीपुर की यह घटना राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था का स्पष्ट उदाहरण है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की प्रताड़ना और सत्ता के अहंकार के कारण एक अन्नदाता को अपनी जान गंवानी पड़ी, जिससे पूरा परिवार उजड़ गया। उन्होंने कहा कि मृतक के मृत्यु-पूर्व बयान में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की भूमिका का उल्लेख होने के बावजूद उन्हें निलंबित न किया जाना बेहद चिंताजनक है।
एसआईटी जांच पर कांग्रेस की आपत्ति
कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाया कि जिस अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, उसी के द्वारा इस मामले में एसआईटी का गठन किया जाना निष्पक्षता पर संदेह पैदा करता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच नहीं हुई तो आम जनता का प्रशासन और कानून-व्यवस्था से विश्वास उठ जाएगा।
डीजीपी को सौंपा ज्ञापन, तीन प्रमुख मांगें
प्रदर्शन के बाद कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस महानिदेशक को ज्ञापन सौंपते हुए तीन प्रमुख मांगें रखीं। इनमें उधमसिंहनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने, किसान आत्महत्या मामले से जुड़े सभी आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी और पूरे प्रकरण की जांच सीबीआई से कराए जाने की मांग शामिल है।
आंदोलन की चेतावनी
इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, विधायक तिलकराज बेहड़, आदेश चौहान, ममता राकेश सहित कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि यदि पीड़ित किसान परिवार को शीघ्र न्याय नहीं मिला तो पार्टी प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करेगी।



