
नई दिल्ली/देहरादून में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के सचिव प्रो. मनीष आर. जोशी से भेंट कर उच्च शिक्षा से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान विद्यार्थियों और शैक्षणिक संस्थानों से संबंधित विभिन्न मांगों को लेकर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया।
छात्रसंघ चुनाव बहाली और नए कानून की मांग
अभाविप ने देशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रसंघ चुनावों की पुनः बहाली की आवश्यकता पर जोर दिया। संगठन का कहना है कि छात्र प्रतिनिधित्व को मजबूत करने के लिए चुनाव प्रक्रिया के नियमन हेतु एक नया और स्पष्ट कानून बनाया जाना चाहिए, जिससे लोकतांत्रिक मूल्यों को बढ़ावा मिल सके।
सीयूईटी प्रक्रिया को सरल बनाने पर जोर
प्रतिनिधिमंडल ने सीयूईटी (CUET) प्रवेश परीक्षा की जटिल प्रक्रिया को सरल और एकीकृत करने की मांग उठाई। इसमें एकल आवेदन शुल्क प्रणाली लागू करने तथा विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए पारदर्शी और सुगम प्रवेश व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया।
नियमित अकादमिक कैलेंडर की आवश्यकता
अभाविप ने स्नातक, परास्नातक और शोध स्तर के पाठ्यक्रमों के लिए एक समान और नियमित अकादमिक कैलेंडर लागू करने की मांग की। संगठन के अनुसार इससे छात्रों को समय पर प्रवेश, परीक्षा और परिणामों में सहूलियत मिलेगी।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग
ज्ञापन में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) को प्रभावी ढंग से लागू करने हेतु ठोस और व्यावहारिक दिशानिर्देश जारी करने की आवश्यकता बताई गई। साथ ही एनईपी के नाम पर की जा रही अनियंत्रित शुल्क वृद्धि पर तत्काल रोक लगाने की मांग भी की गई।
एनएसएस, एनसीसी और महिला सुरक्षा पर विशेष जोर
अभाविप ने सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) और राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) की इकाइयां शुरू करने की मांग रखी। इसके अलावा महिला विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आंतरिक शिकायत समितियों को और अधिक सशक्त बनाने पर बल दिया गया।
यूजीसी सचिव का सकारात्मक आश्वासन
इस अवसर पर डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि अभाविप द्वारा उठाए गए सभी मुद्दे देश के विद्यार्थियों के भविष्य से सीधे जुड़े हैं। उन्होंने जानकारी दी कि यूजीसी सचिव ने ज्ञापन पर सकारात्मक रुख दिखाया है और समस्याओं के समाधान हेतु आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।



