
देहरादून: मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) ने अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लॉटिंग के खिलाफ अपना रुख सख्त कर लिया है। इसी कड़ी में प्राधिकरण की टीम ने झाझरा क्षेत्र में लगभग पांच बीघा भूमि पर अवैध रूप से की जा रही प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया। एमडीडीए ने पूरे क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए सेक्टरवार विशेष टीमों का गठन किया है, जो अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रख रही हैं।
बिना स्वीकृत मानचित्र के की जा रही थी प्लॉटिंग
प्राधिकरण द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार:
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झाझरा स्थित नंदा एनक्लेव, सैनिक कॉलोनी (एलपी विला के सामने) में चरनपाल आदि द्वारा लगभग पांच बीघा भूमि पर डिमार्केशन कर अनधिकृत प्लॉटिंग की जा रही थी।
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निरीक्षण के दौरान स्थल पर कोई भी स्वीकृत तलपट मानचित्र (Approved Layout Map) प्रस्तुत नहीं किया गया।
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नियमों के तहत वाद दायर कर जांच प्रक्रिया पूरी की गई, जिसके बाद मौके पर की गई समस्त अवैध प्लॉटिंग को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया।
वर्ष 2026 के शुरुआती 8 महीनों में बड़ा कार्रवाई अभियान
एमडीडीए ने बताया कि वर्ष 2026 के शुरुआती आठ महीनों में अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लॉटिंग के विरुद्ध बड़े पैमाने पर अभियान चलाया गया है।
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यह कार्रवाई केवल छोटे निर्माणों तक सीमित नहीं है, बल्कि नियमों का उल्लंघन करने वाली बड़ी व्यावसायिक इमारतों पर भी प्रभावी कदम उठाए गए हैं।
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ऋषिकेश, विकासनगर, सहसपुर, रायपुर और डोईवाला सहित विभिन्न क्षेत्रों में लगातार विशेष प्रवर्तन अभियान संचालित किए जा रहे हैं।
सुव्यवस्थित विकास के लिए सेक्टरवार टीमें मुस्तैद
अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए गठित सेक्टरवार टीमें बिना नक्शा पास कराए हो रहे निर्माणों की जानकारी जुटाकर त्वरित कानूनी कार्रवाई कर रही हैं। इसके साथ ही, प्राधिकरण आम जनता को भी भूमि खरीदने से पहले भूखंड और ले-आउट की वैधानिक स्थिति की जांच करने के प्रति जागरूक कर रहा है।
अधिकारियों के संदेश और अपील
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एमडीडीए उपाध्यक्ष, बंशीधर तिवारी:
“अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लॉटिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। बिना स्वीकृत मानचित्र के की गई प्लॉटिंग नियोजन व्यवस्था को ध्वस्त करती है और भविष्य में सड़क, जल निकासी, यातायात व पार्किंग जैसी गंभीर समस्याएं पैदा करती है। झाझरा में नियमों का उल्लंघन करने पर ही यह ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई है।”
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एमडीडीए सचिव, मोहन सिंह बर्निया:
“अवैध प्लॉटिंग और अनधिकृत निर्माण के मामलों में नियमानुसार सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। आम नागरिकों से अपील है कि वे किसी भी भूमि या भूखंड को खरीदने से पहले उसकी स्वीकृति (Approval) की वैधानिक जांच अवश्य कर लें, ताकि भविष्य में किसी भी कानूनी या वित्तीय नुकसान से बचा जा सके।”



