उत्तराखंडराज्य

देहरादून: मुख्य सचिव ने की UIIDB की बैठक, शारदा रिवरफ्रंट प्रोजेक्ट में देरी पर जताई नाराजगी

देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने गुरुवार को सचिवालय में उत्तराखंड इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड (UIIDB) की एग्जीक्यूटिव कमेटी की बैठक में विभिन्न विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सभी परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने और उनकी नियमित एवं प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए।

1. शारदा रिवरफ्रंट कॉरिडोर परियोजना में देरी पर फटकार

शारदा रिवरफ्रंट कॉरिडोर परियोजना की धीमी गति पर मुख्य सचिव ने गहरा असंतोष व्यक्त किया।

  • प्रोजेक्ट मैनेजर की ऑन-साइट तैनाती: कार्यदायी संस्था यूपीडीसीसी (UPDCC) द्वारा 10 महीनों में केवल 10% कार्य पूरा करने पर नाराजगी जताते हुए, उन्होंने तुरंत एक समर्पित प्रोजेक्ट मैनेजर तैनात करने के निर्देश दिए जो लगातार कार्यस्थल पर ही मौजूद रहेगा।

  • पीईआरटी (PERT) चार्ट आधारित समीक्षा: यूआईआईडीबी की सभी परियोजनाओं के लिए समयसीमा के अनुसार पीईआरटी चार्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए, ताकि हर बैठक में परियोजनावार प्रगति का सटीक आंकलन किया जा सके। देरी होने पर कारणों की पहचान कर सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।

2. ऋषिकेश-हरिद्वार रिवर राफ्टिंग व कुंभ मेला 2027 की तैयारियां

आगामी कुंभ मेला 2027 को ध्यान में रखते हुए हरिद्वार और ऋषिकेश क्षेत्र के विकास कार्यों को प्राथमिकता पर पूरा करने के निर्देश दिए गए:

  • रिवर राफ्टिंग संचालन एवं रखरखाव: यूपीडीसीसी को अगले 5 वर्षों के लिए एक समर्पित टीम विकसित करने और हरिद्वार तथा ऋषिकेश के लिए अलग-अलग इकाइयां गठित करने को कहा गया।

  • सती कुंड कार्य की डेडलाइन: सती कुंड से संबंधित कार्यों को 15 दिसंबर तक पूरा करने के लिए श्रमिकों और कार्य-शिफ्टों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए।

  • अधिकारियों की तैनाती: निर्माण कार्यों की दैनिक रिपोर्टिंग और निगरानी के लिए संस्था के महाप्रबंधक (GM) को हरिद्वार में ही कैंप करने और प्रगति रिपोर्ट जिलाधिकारी (DM) तथा मंडलायुक्त को भेजने के आदेश जारी किए गए।

3. पार्किंग प्रोजेक्ट्स और वित्तीय अनुशासन को लेकर निर्देश

  • पार्किंग निर्माण के नियम: हरिद्वार में नए सतही (Surface), भूमिगत (Underground) या यांत्रिक (Mechanical) पार्किंग प्रोजेक्ट्स शुरू करने से पहले जिलाधिकारी और मेलाधिकारी से लिखित अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) लेना अनिवार्य कर दिया गया है। जो विकल्प सबसे अधिक व्यावहारिक होगा, उसी पर काम किया जाएगा।

  • वित्तीय एवं लेखा समिति का गठन: यूआईआईडीबी के वित्तीय मामलों की निगरानी, पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष ‘वित्तीय एवं लेखा समिति’ गठित करने के निर्देश दिए गए हैं।

बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी

बैठक में शासन एवं संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे:

  • उपस्थित अधिकारी: प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव नितेश कुमार झा, रविनाथ रमन, डॉ. पंकज कुमार पांडेय, सी. रविशंकर, डॉ. रणवीर सिंह चौहान, विशेष सचिव पराग मधुकर धकाते एवं यूआईआईडीबी के अन्य प्रतिनिधि।

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