रामपुर तिराहा शहीद स्थल पहुंचे CM धामी: शहीदों को दी श्रद्धांजलि, ई-लाइब्रेरी और म्यूजियम विस्तार सहित कई बड़ी घोषणाएं

मुजफ्फरनगर: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को रामपुर तिराहा स्थित शहीद स्थल पहुंचकर उत्तराखंड राज्य आंदोलन के अमर शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की और उनके बलिदान को नमन किया।
आंदोलनकारियों के सम्मान में मुख्यमंत्री की प्रमुख घोषणाएं
इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने राज्य आंदोलनकारियों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं:
-
प्रतिमाओं की स्थापना: जिन शहीद आंदोलनकारियों की प्रतिमाएं अभी तक स्थापित नहीं हुई हैं, उनकी प्रतिमाएं उनके पैतृक गांव या निवास क्षेत्र में उपयुक्त स्थान पर लगाई जाएंगी।
-
अतिथि गृह का उच्चीकरण: रामपुर तिराहा स्थित राज्य अतिथि गृह का सौंदर्यीकरण और उच्चीकरण किया जाएगा।
-
ई-लाइब्रेरी व म्यूजियम: स्मारक परिसर की लाइब्रेरी को ‘ई-लाइब्रेरी’ के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही संग्रहालय का विस्तार कर उसमें उत्तराखंड के पारंपरिक वाद्य यंत्रों, वेशभूषा और लोक संस्कृति से जुड़ी सामग्रियां प्रदर्शित की जाएंगी।
-
चिन्हीकरण प्रक्रिया: राज्य आंदोलनकारियों के पुनः चिन्हीकरण की प्रक्रिया को जल्द पूरा किया जाएगा।
“रामपुर तिराहा कांड आंदोलन के इतिहास का पीड़ादायक अध्याय”
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1 और 2 अक्टूबर 1994 की रात रामपुर तिराहा पर दिल्ली जा रहे आंदोलनकारियों के साथ हुई घटना उत्तराखंड राज्य आंदोलन का सबसे पीड़ादायक अध्याय है।
पृथक राज्य की मांग को लेकर आंदोलनकारियों ने लंबा संघर्ष किया और खटीमा, मसूरी, रामपुर तिराहा तथा श्रीनगर (श्री यंत्र टापू) सहित विभिन्न स्थानों पर अपने प्राणों की आहुति दी। उन्हीं के त्याग और बलिदान के परिणामस्वरूप आज उत्तराखंड एक पृथक राज्य के रूप में स्थापित है।
आंदोलनकारियों और आश्रितों के लिए सरकार के कदम
राज्य सरकार द्वारा आंदोलनकारियों के कल्याण के लिए उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए CM धामी ने बताया:
-
10% क्षैतिज आरक्षण: सरकारी नौकरियों में राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों को 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया जा रहा है।
-
आश्रित प्रमाण पत्र में सरलता: प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को आसान बनाते हुए इसे तहसील स्तर से ही जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
-
मुफ्त यात्रा सुविधा: परिवहन निगम की बसों में आंदोलनकारियों को निःशुल्क यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
-
सड़कों और स्कूलों का नामकरण: शहीद आंदोलनकारियों के नाम पर सड़कों और विद्यालयों का नामकरण करने के आदेश जारी हो चुके हैं।
-
शहीद स्थलों का पुनर्निर्माण: रामपुर तिराहा, खटीमा, देहरादून और मसूरी स्थित शहीद स्थलों के जीर्णोद्धार व विस्तारीकरण का काम शुरू कर दिया गया है।
27 लाख की लागत से प्रतिमाओं की स्थापना का शिलान्यास
मुख्यमंत्री ने रामपुर तिराहा कांड में शहीद हुए आंदोलनकारियों की प्रतिमाओं की स्थापना कार्य का शिलान्यास किया, जिसके लिए 27 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की जा चुकी है।
उन्होंने शहीद स्मारक के लिए भूमि दान करने वाले स्वर्गीय पंडित महावीर शर्मा के योगदान को याद किया और बताया कि परिसर में उनकी प्रतिमा स्थापित की गई है। इसके अलावा, उन्होंने कठिन समय में आंदोलनकारियों को शरण व सहयोग देने वाले स्थानीय लोगों और मातृशक्ति के अतुलनीय योगदान का आभार जताया।
“उत्तराखंड को समृद्ध बनाना ही शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि”
CM धामी ने कहा कि शहीदों का बलिदान आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति और राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा देता रहेगा। अमर बलिदानियों के सपनों के अनुरूप उत्तराखंड को एक समृद्ध, सशक्त और अग्रणी राज्य बनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख लोग
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल, विधान परिषद सदस्य वंदना वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. सुधीर सैनी, उत्तराखंड संस्कृति, साहित्य एवं कला परिषद की उपाध्यक्ष मधु भट्ट, उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी सम्मान परिषद के उपाध्यक्ष सुभाष बड़थ्वाल, सचिव संस्कृति युगल किशोर पंत, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर सहित भारी संख्या में आंदोलनकारी और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।



