व्यापार

रोजी-रोटी पर संकट! मुनाफा कमाने के बाद भी छंटनी की तैयारी में कंपनी, 14000 लोगों की काम से छुट्टी

नई दिल्ली. ई-कॉमर्स दिग्गज Amazon ने एक बार फिर बड़े पैमाने पर छंटनी का ऐलान किया है. कंपनी करीब 14,000 कॉर्पोरेट कर्मचारियों की नौकरियां खत्म करने जा रही है. यह कदम कंपनी की नई रीस्ट्रक्चरिंग योजना का हिस्सा है, जिसका मकसद संगठन को अधिक चुस्त, लचीला और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) केंद्रित बनाना है. सीईओ एंडी जेसी के नेतृत्व में कंपनी पिछले कुछ वर्षों से लागत घटाने और कार्यप्रणाली को सरल बनाने की दिशा में काम कर रही है. यह Amazon के इतिहास की सबसे बड़ी छंटनी में से एक बताई जा रही है.

AI पर बढ़ा निवेश, घटेगा स्टाफ

Amazon ने कहा है कि यह छंटनी उसके ‘बड़े दांव’ यानी जनरेटिव AI में भारी निवेश का हिस्सा है. कंपनी चाहती है कि निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज हो और नौकरशाही कम हो. Amazon की सीनियर वाइस प्रेसिडेंट बेथ गैलेटी ने कहा कि ‘AI इंटरनेट के बाद की सबसे बड़ी तकनीकी क्रांति है. हमें तेज़ी से आगे बढ़ने के लिए टीमों को छोटा और कुशल बनाना होगा.’ छंटनी से कंपनी के करीब 4 फीसदी कॉर्पोरेट और टेक्निकल कर्मचारी प्रभावित होंगे. हालांकि, Amazon का कहना है कि प्रभावित कर्मचारियों को नई भूमिका तलाशने के लिए 90 दिन का समय, आंतरिक जॉब प्रायोरिटी, सेवरेन्स पैकेज और हेल्थ इंश्योरेंस जैसी सुविधाएं दी जाएंगी.

महामारी के बाद बदला कार्य ढांचा

Amazon ने कोविड महामारी के दौरान तेजी से अपना विस्तार किया था. लेकिन अब कंपनी एक बार फिर अपने आकार को नियंत्रित करने की कोशिश में है. 2022 और 2023 के बीच कंपनी पहले ही 27,000 नौकरियां खत्म कर चुकी है. अब यह छंटनी उस अभियान का अगला चरण है. सीईओ एंडी जेसी के मुताबिक, AI तकनीक आने वाले वर्षों में कंपनी की कार्यप्रणाली को पूरी तरह बदल देगी. उन्होंने कर्मचारियों से कहा कि कुछ मौजूदा भूमिकाओं की जरूरत कम होगी, जबकि नई तकनीकों से जुड़ी नौकरियों की मांग बढ़ेगी.

बदलती दुनिया में नई दिशा

Amazon की यह रणनीति सिर्फ कंपनी के लिए नहीं, बल्कि पूरी टेक इंडस्ट्री के लिए संकेत है. दुनियाभर की बड़ी कंपनियां अब AI आधारित ऑटोमेशन पर ध्यान दे रही हैं, जिससे लागत घटे और कार्य क्षमता बढ़े. हालांकि, कंपनी ने यह भी कहा है कि वह AI, क्लाउड कंप्यूटिंग और अन्य रणनीतिक क्षेत्रों में भर्ती जारी रखेगी. विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम बताता है कि भविष्य की कंपनियां कम कर्मचारियों और ज्यादा तकनीक के सहारे काम करेंगी- यानी आगे का दौर होगा ‘स्मार्ट मशीनों और सीमित मैनपावर’ का.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button