
देहरादून में कांग्रेस के पूर्व सैनिक विभाग ने देशभर के पूर्व सैनिकों के सम्मान और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए बड़े आंदोलन का ऐलान किया है। विभाग का कहना है कि सैनिकों और पूर्व सैनिकों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में मजबूती के साथ उठाया जाएगा।
पूर्व सैनिकों के अधिकारों पर बढ़ते दबाव को लेकर चिंता
उत्तराखंड कांग्रेस के पूर्व सैनिक विभाग के प्रदेश अध्यक्ष कर्नल रामरतन नेगी ने कहा कि वर्तमान समय में पूर्व सैनिकों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि विकलांगता पेंशन, ईसीएचएस स्वास्थ्य सुविधा और सैनिक भर्ती प्रक्रिया जैसे विषयों पर हालात चिंताजनक बनते जा रहे हैं।
उनका कहना है कि आज विकलांगता पेंशन और स्वास्थ्य सेवाओं पर असर दिखाई दे रहा है और यदि समय रहते आवाज नहीं उठाई गई तो आने वाले समय में सामान्य पेंशन व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है। ऐसे हालात में पूर्व सैनिकों को अपने अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए एकजुट होकर आगे आना होगा।
राहुल गांधी उठा रहे हैं सैनिकों की आवाज
कर्नल नेगी ने कहा कि राहुल गांधी लगातार पूर्व सैनिकों के अधिकारों और उनकी समस्याओं को लेकर आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने देश के नागरिकों से अपील की कि वे इस आवाज को और मजबूत बनाएं।
उन्होंने कहा कि भारतीय सेना देश का गौरव है और हर नागरिक सेना के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता रखता है। कांग्रेस का पूर्व सैनिक विभाग सैनिकों और पूर्व सैनिकों के अधिकारों और सम्मान को बनाए रखने के लिए इस आंदोलन को आगे बढ़ा रहा है।
11 मार्च को जंतर-मंतर में विशाल प्रदर्शन
कर्नल नेगी ने उत्तराखंड के सम्मानित नागरिकों, पूर्व सैनिकों, अर्धसैनिक बलों के पूर्व जवानों और विभिन्न सामाजिक संगठनों से इस आंदोलन का समर्थन करने की अपील की है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस पार्टी के एक्स-सर्विसमेन विभाग के नेतृत्व में विभिन्न पूर्व सैनिक संगठनों के साथ मिलकर 11 मार्च 2026 को सुबह 10 बजे दिल्ली के जंतर-मंतर पर विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।
सरकार के सामने रखी जाएंगी प्रमुख मांगें
इस आंदोलन के माध्यम से सरकार के सामने कई महत्वपूर्ण मांगें रखी जाएंगी। इनमें सबसे प्रमुख मांग डिसएबिलिटी पेंशन को पहले की तरह पूरी तरह टैक्स-फ्री करने की है। इसके साथ ही ईसीएचएस के लंबित बिलों का जल्द भुगतान करने और इस योजना के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई जाएगी।
कर्नल नेगी ने कहा कि सैनिकों और पूर्व सैनिकों के साथ होने वाले अपमान को रोकना भी इस आंदोलन का अहम उद्देश्य है। साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े गंभीर मुद्दों पर सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग भी की जाएगी।
अग्निवीर योजना को खत्म करने की मांग
उन्होंने यह भी कहा कि आंदोलन में अग्निवीर भर्ती योजना को समाप्त करने और पहले की तरह नियमित सैनिक भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई जाएगी। उनका मानना है कि पारंपरिक भर्ती प्रणाली ही सेना की मजबूती और सैनिकों के भविष्य के लिए अधिक उपयुक्त है।
अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील
कर्नल नेगी ने उत्तराखंड के करीब डेढ़ लाख पूर्व सैनिकों से अपील की कि वे अपने मान-सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट हों। उन्होंने कहा कि 11 मार्च को अधिक से अधिक संख्या में दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचकर इस आंदोलन को सफल बनाना जरूरी है।
प्रेस वार्ता में कई नेता रहे मौजूद
इस अवसर पर आयोजित प्रेस वार्ता में कांग्रेस उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना, दिनेश कौशल, कैप्टन कुशाल सिंह राणा, गोपाल सिंह गढ़िया, बच्चन सिंह और हवलदार बलवीर सिंह सहित कई अन्य लोग भी मौजूद रहे।



