
देहरादून में प्रस्तावित 14 अप्रैल के कार्यक्रम को लेकर राज्य सरकार पूरी तरह सक्रिय नजर आ रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गढ़ी कैंट स्थित जसवंत ग्राउंड पहुंचकर व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
व्यवस्थाओं की बारीकी से समीक्षा
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर की जा रही तैयारियों का विस्तार से जायजा लिया। उन्होंने सुरक्षा, यातायात, पार्किंग, पेयजल, बिजली आपूर्ति और स्वच्छता जैसी मूलभूत सुविधाओं की स्थिति को परखा। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि कार्यक्रम में आने वाले लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरी की जाएं।
सुरक्षा और समन्वय पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता बताई। उन्होंने विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि कार्यक्रम के दौरान किसी भी प्रकार की चूक न हो। साथ ही, आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए सभी संबंधित सेवाओं को पूरी तरह तैयार रहने के लिए कहा गया।
यातायात प्रबंधन के लिए ठोस योजना
कार्यक्रम के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे, इसके लिए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को एक प्रभावी और ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
मंच और अन्य व्यवस्थाओं पर ध्यान
जसवंत ग्राउंड में बनाए जा रहे मंच, दर्शक दीर्घा और अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी तैयारियां कार्यक्रम की गरिमा के अनुरूप होनी चाहिए। उन्होंने आयोजन स्थल को सुव्यवस्थित रखने के साथ-साथ स्वच्छता और सौंदर्यीकरण कार्यों को भी प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
राज्य के लिए महत्वपूर्ण अवसर
मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम को राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर बताते हुए कहा कि इसकी सफलता सुनिश्चित करना सभी विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों से पूरी तत्परता और समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
निरीक्षण के दौरान मौजूद रहे अधिकारी
इस निरीक्षण के दौरान कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे, जिनमें गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पाण्डेय, आईजी राजीव स्वरूप, जिलाधिकारी सविन बंसल, अपर सचिव बंशीधर तिवारी और एसएसपी प्रमेन्द्र डोभाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल थे।



