उत्तर प्रदेशराज्य

CM योगी ने काला चश्मा पहन गोरखनाथ मंदिर में खेली होली, बोले- सनातन की गूंज सर्वत्र सुनाई दे रही

गोरखपुर: गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मानवमात्र के जीवन में मर्यादा, जीवंतता, भक्ति और समरसता ही सनातन धर्म की ताकत है। इस परिप्रेक्ष्य में उत्तर प्रदेश के लोगों को गर्व की अनुभूति करनी चाहिए कि मर्यादा, शाश्वत चेतना की जीवंतता, भक्ति का उल्लास और समरसता का भान कराने वाले सभी प्रमुख विरासत स्थल इस प्रदेश में हैं।

सीएम योगी आदित्यनाथ बुधवार को होली के पावन महापर्व पर घंटाघर से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और श्री होलिकोत्सव समिति की ओर से निकाली गई ‘ भगवान नृसिंह की रंगभरी शोभायात्रा ‘ के शुभारंभ अवसर पर उपस्थित विशाल जनसमूह को संबोधित किया। सभी नागरिकों को होली की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विरासत का संरक्षण कैसे होना चाहिए, यह अहसास आज भारत कर रहा है। गोरखपुर में योगी आदित्यनाथ ने जमकर होली खेली। इस दौरान योगी काला चश्मा पहने और हाथों में गुलाल उड़ाते हुए प्रसन्न दिखाई दिए।

‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की परिकल्पना साकार हो रही

योगी ने कहा कि काशी में बाबा विश्वनाथ धाम, अयोध्या में राम जन्मभूमि पर भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण, केदारपुरी में भगवान केदारनाथ का भव्य धाम, बद्रीनाथ में भव्य स्वरूप लेता भगवान बद्री विशाल का धाम, महाकाल लोकधाम, सोमनाथ धाम, जगन्नाथ धाम और रामेश्वरपुरी के भव्य स्वरूप का आनंद भारत को अपनी विरासत पर गौरव की अनुभूति कराता है। यह इसलिए संभव हो सका है कि भारत के पास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यशस्वी नेतृत्व है। इस नेतृत्व में विरासत का संरक्षण हो रहा है। साथ ही ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की परिकल्पना भी साकार हो रही है।

उत्तर प्रदेश भारत की आत्मा है- योगी आदित्यनाथ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश भारत की आत्मा है। यहां भगवान श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या हमें जीवन में मर्यादा का अहसास कराती है। महादेव की नगरी काशी जीवन की शाश्वत चेतना अर्थात जीवंतता का प्रतीक है। भगवान कृष्ण की नगरी मथुरा-वृंदावन भक्ति के आनंद की धरा है। प्रयागराज में मां गंगा, यमुना और सरस्वती की त्रिवेणी समरसता का अहसास कराती है, जहां बिना भेदभाव समाज के हर एक तबके के लोग आस्था की डुबकी लगाते हैं। यह उन लोगों के लिए एक सबक भी है, जो प्रदेश में जातिवाद, भेदभाव और छुआछूत का शोर मचाते हैं। कुछ क्षुद्र बुद्धि के लोगों ने समाज को कमजोर करने के लिए इस प्रकार के स्वांग रचे थे। हमें भारत को मजबूत बनाने के लिए कार्य करने हैं, विकसित भारत की संकल्पना के साथ खुद को जोड़ना है। ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के भाव को अपने जीवन का हिस्सा बनाना है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर भारतवासियों को गौरव की अनुभूति

सीएम योगी ने कहा कि इस वर्ष होली का पर्व हमारे लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि यह दुनिया के सबसे बड़े सांस्कृतिक संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का शताब्दी वर्ष है। यह ऐसा संगठन है, जिसके सान्निध्य में लाखों कार्यकर्ताओं ने सनातन धर्म की परंपरा और भारत की एकता-अखंडता के लिए अपना संपूर्ण जीवन होम कर दिया है। जीवन में अनुशासन का महत्व क्या होता है, यह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से सीखा जा सकता है।

विजयादशमी से प्रारंभ हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पथ संचलन के कार्यक्रमों में और सामाजिक समरसता को मजबूती प्रदान करने के लिए हिंदू सम्मेलनों में सबने कड़े अनुशासन की झलक देखी। इन कार्यक्रमों में समाज का हर एक तबका भागीदार बना, लेकिन कहीं भी कोई अव्यवस्था नहीं हुई। कहीं कानून व्यवस्था के लिए संकट नहीं हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत माता को परम वैभव पर पहुंचाने के लिए संकल्पित होकर कार्य कर रहे यशस्वी संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर सभी भारतवासियों को गौरव की अनुभूति होती है।

पूरी दुनिया में अशांति पर भारत में उत्साह, उमंग और आनंद

सीएम योगी ने कहा कि होली का यह पर्व हम भारत में ऐसे समय में आयोजित कर रहे हैं, जब पूरी दुनिया में अव्यवस्था, अशांति और अराजकता का वातावरण है। पर, भारत पीएम मोदी के यशस्वी नेतृत्व में उत्साह और उमंग के साथ इस पर्व का आनंद ले रहा है। कहीं कोई भय नहीं, कहीं अराजकता नहीं, कहीं अविश्वास नहीं। सब जगह ‘सत्यमेव जयते’ का भाव और ‘जहां धर्म वहीं जय’ की गूंज। यह भाव हमारा सनातन वाक्य है और इसकी गूंज सर्वत्र सुनाई दे रही है।

समरसता और राष्ट्रीयता का प्रतीक है गोरक्षपीठ: रमेश

इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्वागत करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक रमेश ने कहा कि 81 वर्ष पहले नानाजी देशमुख द्वारा गोरखपुर में शुरू की गई इस रंगभरी शोभायात्रा ने पूरे देश को व्यापक संदेश दिया है। इसमें गोरक्षपीठ की भी महत्वपूर्ण भागीदारी और भूमिका रही है। गोरक्षपीठ समरसता, आत्मीयता, राष्ट्रीयता और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। गोरक्षपीठाधीश्वर एवं सीएम योगी के नेतृत्व में प्रदेश का तीव्र विकास हो रहा है और इसमें गोरखपुर का विकास विशेष रूप से उल्लेखनीय है।

मुख्यमंत्री ने उतारी भगवान नृसिंह की आरती, जमकर खेली होली

मंच से लोगों को होली की बधाई एवं शुभकामनाएं देने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान नृसिंह का पूजन कर विधि-विधान से उनकी आरती उतारी। उन्हें नारियल, गुझिया के साथ फूल, रंग, अबीर-गुलाल अर्पित किए। भगवान नृसिंह की पूजा करने के बाद सीएम योगी पूरी तरह होली के रंग में आ गए। उन्होंने लोगों के ऊपर जमकर फूलों की पंखुड़ियां और अबीर-गुलाल उड़ाया। देखते ही देखते मुख्यमंत्री समेत समूचा जनमानस रंगों में सराबोर हो गया। इस दौरान ‘जय श्रीराम’ और ‘हर-हर महादेव’ के उद्घोष के बीच उत्सवी उमंग व उल्लास आसमान पर था।

सांसद रविकिशन समेत ये लोग रहे मौजूद

इस अवसर पर सांसद रवि किशन शुक्ल, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक विपिन सिंह, कालीबाड़ी के महंत रवींद्रदास, अयोध्या से आए रामबालक दास, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत संघचालक डॉ. महेंद्र अग्रवाल, आत्मा सिंह, दक्षिण भाग संघ चालक ओम जालान, अरुण प्रकाश मल्ल, होलिका उत्सव समिति के अध्यक्ष मनोज जालान आदि भी मौजूद रहे।

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