
रुद्रपुर में अचानक बंद हुए क्रिमसन वर्ल्ड स्कूल से जुड़े मामले को गंभीरता से लेते हुए उत्तराखण्ड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने विकास भवन सभागार में एक अहम बैठक आयोजित की। आयोग के सदस्य योगेश सिंह रजवार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में विद्यालय प्रबंधन समिति के प्रतिनिधियों, शिक्षा विभाग के अधिकारियों, जिला कार्यक्रम अधिकारी सहित जिले के विभिन्न निजी विद्यालयों के संचालकों और प्रधानाचार्यों ने भाग लिया।
बैठक के दौरान स्कूल बंद होने के कारणों और उससे विद्यार्थियों पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। आयोग ने विद्यालय प्रबंधन से पूरे मामले पर जवाब मांगा और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
स्कूल की सुरक्षा और आधारभूत सुविधाओं की होगी व्यापक जांच
बैठक में विद्यालय की आधारभूत सुविधाओं, विद्यार्थियों की सुरक्षा व्यवस्था, भवन की गुणवत्ता, वित्तीय स्थिति तथा प्रशासनिक व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की गई। आयोग के सदस्य योगेश सिंह रजवार ने स्पष्ट निर्देश दिए कि विद्यालय में सभी सुविधाएं निर्धारित सरकारी मानकों के अनुरूप उपलब्ध कराई जाएं।
उन्होंने कहा कि विद्यालय दोबारा शुरू करने से पहले भवन की मजबूती, अग्निशमन व्यवस्था, पृथक फायर टैंक, वैध ऑक्युपेंसी प्रमाणपत्र, विद्यालय तक सुरक्षित पहुंच मार्ग और अन्य सभी सुरक्षा मानकों का अनुपालन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए। साथ ही इसकी लिखित रिपोर्ट खंड शिक्षा अधिकारी के माध्यम से मुख्य शिक्षा अधिकारी को उपलब्ध कराई जाए।
नियमों की अनदेखी पर होगी सख्त कार्रवाई
योगेश सिंह रजवार ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि विद्यालय में मौजूद सभी कमियों की जांच कर नियमानुसार आवश्यक वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट निर्धारित समय सीमा के भीतर आयोग को भेजी जाए।
विद्यालय प्रबंधन को भी स्पष्ट चेतावनी दी गई कि भविष्य में यदि किसी प्रकार की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की शिकायत सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होने देने पर जोर
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि विद्यार्थियों के शैक्षिक हित सर्वोच्च प्राथमिकता रहेंगे और किसी भी परिस्थिति में उनकी पढ़ाई बाधित नहीं होने दी जाएगी। विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिए गए कि सभी कमियों को जल्द से जल्द दूर करते हुए शासन और शिक्षा विभाग के नियमों के अनुरूप विद्यालय का संचालन नियमित रूप से शुरू किया जाए।
निजी विद्यालयों और कोचिंग संस्थानों की भी होगी जांच
आयोग ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को 10 से 12 सदस्यीय संयुक्त समिति गठित करने के निर्देश दिए। इस समिति में जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, अग्निशमन विभाग, श्रम विभाग, जिला प्रोबेशन अधिकारी तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को शामिल किया जाएगा। समिति की अध्यक्षता उत्तराखण्ड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य करेंगे।
यह समिति जिले में संचालित सभी निजी विद्यालयों, अशासकीय विद्यालयों और कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण करेगी तथा सुरक्षा मानकों की जांच करेगी। इसके लिए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को जुलाई के दूसरे सप्ताह तक निरीक्षण का रोस्टर तैयार कर मुख्य शिक्षा अधिकारी को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
शिकायत पेटिका, परिवहन और नशा मुक्ति अभियान पर भी रहेगा फोकस
बैठक में विद्यालयों में स्थापित शिकायत पेटिकाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने, नशा उन्मूलन के लिए जागरूकता अभियान चलाने, स्कूल परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने तथा विद्यालय प्रबंधन समितियों की अभिभावकों के साथ नियमित बैठक आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए।
कई अधिकारी रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य शिक्षा अधिकारी हरेन्द्र कुमार मिश्रा, जिला कार्यक्रम अधिकारी मुकुल चौधरी, खंड शिक्षा अधिकारी सावेद आलम, भानु प्रताप कुशवाह सहित समग्र शिक्षा से जुड़े जिला समन्वयक, स्कूल समन्वयक एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।



