
हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार के सप्तऋषि आश्रम मैदान में आयोजित संत सम्मेलन में सहभागिता की। इस अवसर पर उन्होंने ब्रह्मगिरी महाराज को सनातन संस्कृति और राष्ट्र चेतना का जीवंत प्रतीक बताते हुए कहा कि उनका संपूर्ण जीवन सेवा, त्याग और करुणा के मूल्यों को समर्पित रहा।
संत समाज को दिशा देने वाले मार्गदर्शक स्तंभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि संत-महात्मा और धर्मगुरु समाज को सही दिशा देने वाले स्तंभ होते हैं, जिनका राष्ट्र और संस्कृति के संरक्षण में अमूल्य योगदान रहता है। ब्रह्मगिरी महाराज ने आध्यात्मिक ज्ञान को सामाजिक सेवा से जोड़ते हुए भारत माता मंदिर की स्थापना की, जो आज भी श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणा का केंद्र बना हुआ है। उन्होंने वर्ष 1998 के कुंभ मेले में आचार्य महामंडलेश्वर बनने के बाद दस लाख से अधिक नागा साधुओं को दीक्षा प्रदान की।
नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनेगी मूर्ति स्थापना
मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि ब्रह्मगिरी महाराज की मूर्ति स्थापना नई पीढ़ी में आध्यात्मिक चेतना जागृत करने का कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि संत परंपरा वसुधैव कुटुंबकम के भाव के साथ पूरे विश्व को जोड़ती है। सनातन धर्म शाश्वत सिद्धांतों पर आधारित है, जो समय के साथ आगे बढ़ते हुए कभी पराजित नहीं होता।
राज्य सरकार की प्रमुख उपलब्धियों का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा किए गए सुधारों का उल्लेख करते हुए बताया कि उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू की गई है। इसके साथ ही सख्त नकल विरोधी कानून, दंगारोधी कानून और धर्मांतरण विरोधी कानून लागू कर समाज और युवाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। उन्होंने कहा कि नकल विरोधी कानून के प्रभाव से अब तक 28 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी नौकरियां मिली हैं।
प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सांस्कृतिक उत्थान
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में हो रहे सांस्कृतिक पुनर्जागरण का उल्लेख करते हुए अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण और बदरीनाथ धाम मास्टर प्लान को ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।
अन्य प्रमुख अतिथियों के विचार
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भारत माता मंदिर को देश की सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक बताया और वर्ष 2027 में होने वाले कुंभ मेले की तैयारियों की जानकारी साझा की। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि भारत आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और युवा शक्ति देश को विकसित राष्ट्र की ओर अग्रसर कर रही है। बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि संतों का सान्निध्य जीवन के दुखों का समाधान है और सनातन संस्कृति ही भारत की मूल पहचान है।
संत-महात्माओं और श्रद्धालुओं की रही उपस्थिति
कार्यक्रम में शंकराचार्य राजराजेश्वराश्रम महाराज, योग गुरु बाबा रामदेव, महामंडलेश्वर स्वामी बालकानंद महाराज, विशोखानंद, श्रीमहंत देवानंद सरस्वती, नारायण गिरी महाराज सहित अनेक संत-महात्मा, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।



