
सितारगंज में हुए सनसनीखेज लूट और हत्या के प्रयास के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी को आखिरकार पुलिस ने पकड़ लिया है। सितारगंज पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने 24 अप्रैल की रात मथुरा रेलवे स्टेशन से आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी पर पहले से 10 हजार रुपये का इनाम घोषित था और वह लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर था।
चाय के खोखे पर हुआ था जानलेवा हमला
इस मामले की शुरुआत पिछले वर्ष 1 फरवरी को हुई थी, जब एचएस अस्पताल के पास स्थित एक चाय के खोखे में दुकानदार पर बेरहमी से हमला किया गया था। बदमाशों ने लूटपाट के दौरान राकेश सक्सेना नामक दुकानदार के सिर पर कुल्हाड़ी से वार कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था। अगली सुबह परिजनों को वह खून से लथपथ हालत में खोखे में पड़ा मिला।
आज भी जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है पीड़ित
हमले में घायल राकेश सक्सेना का लंबे समय तक इलाज कराया गया, लेकिन उसकी हालत में कोई खास सुधार नहीं हुआ। वह आज भी बिस्तर पर मरणासन्न अवस्था में पड़ा है, जिससे इस घटना की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
पहले ही गिरफ्तार हो चुके थे दो आरोपी
पीड़ित के भाई गुड्डू सक्सेना की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने विकास पाल उर्फ मुर्गा को मुठभेड़ में तमंचा और कारतूस के साथ गिरफ्तार कर लिया था। इसके अलावा, दूसरा आरोपी रोहित पाल भी पहले ही पुलिस की गिरफ्त में आ चुका है।
मुख्य आरोपी लंबे समय से था फरार
इस वारदात का मुख्य आरोपी चेतन सिंह बिष्ट घटना के बाद से लगातार फरार चल रहा था। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए कई बार दबिश दी, लेकिन वह पकड़ में नहीं आया। आखिरकार, पुलिस अधिकारियों ने इस मामले में एसटीएफ और एसओजी को भी शामिल किया और संयुक्त प्रयास शुरू किए।
मथुरा में खानाबदोश बनकर रह रहा था आरोपी
लगातार तलाश के बाद पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी मथुरा रेलवे स्टेशन के आसपास खानाबदोश जीवन जी रहा है। इसी आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने उसे धर दबोचा।
संयुक्त टीम ने दिया कार्रवाई को अंजाम
इस ऑपरेशन में कोतवाल सुंदरम शर्मा, एसएसआई राजेंद्र प्रसाद, विनोद जोशी, योगेश भट्ट के साथ-साथ एसटीएफ के विपिन जोशी, किशोर कुमार और महेंद्र गिरी की अहम भूमिका रही। पुलिस की इस सफलता से लंबे समय से लंबित मामले में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।



