उत्तराखंडराज्य

सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं को लेकर मुख्यमंत्री ने दिए सुदृढ़ीकरण के निर्देश

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के अंतर्गत पात्रता परीक्षण, सत्यापन एवं भुगतान प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़, पारदर्शी और त्वरित बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक बिना किसी बाधा के पहुंचे।

मुख्यमंत्री आवास से हुआ वन-क्लिक भुगतान

गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने समाज कल्याण विभाग की विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के अंतर्गत जनवरी 2026 माह की पेंशन राशि का वन-क्लिक प्रणाली के माध्यम से लाभार्थियों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष भुगतान किया। उन्होंने कहा कि यह पहल तकनीक आधारित, पारदर्शी और संवेदनशील शासन व्यवस्था को और अधिक मजबूत करती है।

लगभग साढ़े नौ लाख लाभार्थियों को मिला पेंशन का लाभ

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि जनवरी 2026 में राज्य के कुल 9,47,345 पात्र लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ प्रदान किया गया। इसके अंतर्गत ₹141 करोड़ 66 लाख 51 हजार की धनराशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी गई, जिसमें नियमित पेंशन के साथ एरियर भुगतान भी सम्मिलित है।

DBT प्रणाली से बढ़ी पारदर्शिता और भरोसा

मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि DBT और वन-क्लिक भुगतान प्रणाली से न केवल भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण संभव हुआ है, बल्कि लाभार्थियों को बिना किसी कार्यालयी प्रक्रिया के सीधे सहायता राशि मिल रही है। इससे शासन व्यवस्था के प्रति नागरिकों का विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।

विभिन्न पेंशन योजनाओं से हजारों नागरिकों को संबल

उन्होंने बताया कि वृद्धावस्था पेंशन योजना के अंतर्गत सर्वाधिक लाभार्थियों को सहायता प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त विधवा, दिव्यांग, किसान, परित्यक्ता, भरण-पोषण अनुदान, तीलू रौतेली एवं बौना पेंशन योजनाओं के माध्यम से भी हजारों पात्र नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा का सहारा मिला।

नए लाभार्थियों का पंजीकरण और अपात्र नाम हटाए गए

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम यह रहा कि 01 दिसंबर 2025 से 03 फरवरी 2026 के बीच 15,784 नए लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं से जोड़ा गया। साथ ही पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए 1,523 अपात्र एवं मृतक लाभार्थियों के नाम पेंशन पोर्टल से हटाए गए।

डिजिटल पेंशन प्रणाली के सकारात्मक परिणाम

डिजिटल पेंशन पोर्टल, स्वतः आयु-पात्रता पहचान प्रणाली और नियमित मॉनिटरिंग के कारण उल्लेखनीय सुधार देखने को मिले हैं। अप्रैल 2024 से जनवरी 2026 के मध्य 60 वर्ष की आयु पूर्ण करते ही 428 पात्र नागरिकों को स्वतः वृद्धावस्था पेंशन स्वीकृत की गई।

सम्मानजनक जीवन का आधार हैं पेंशन योजनाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ पहुंचे। पेंशन योजनाएं केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि जरूरतमंद नागरिकों के लिए सम्मानजनक जीवन का आधार हैं।

इस अवसर पर अपर सचिव संदीप तिवारी सहित समाज कल्याण विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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