
देहरादून के नेशविला रोड स्थित सेंट एग्नेस स्कूल में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम के 9वें संस्करण में सहभागिता की। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को परीक्षा से जुड़ी मानसिकता पर सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने का संदेश दिया।
परीक्षा जीवन का हिस्सा है, जीवन नहीं
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ‘परीक्षा पे चर्चा’ अब केवल एक संवाद कार्यक्रम न रहकर एक राष्ट्रीय आंदोलन का स्वरूप ले चुका है। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को यह समझाने का प्रयास करता है कि परीक्षा जीवन का एक महत्वपूर्ण चरण है, लेकिन पूरा जीवन नहीं। परीक्षा को डर या दबाव के रूप में नहीं, बल्कि सीखने और आत्ममंथन के अवसर के रूप में देखना चाहिए।
परीक्षा को बोझ नहीं, अवसर समझें
मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षाएं विद्यार्थियों के आत्मविश्वास, धैर्य और मानसिक संतुलन की परीक्षा भी होती हैं। उन्होंने छात्रों को योद्धा की तरह शांत मन और आत्मविश्वास के साथ परीक्षा देने की सलाह दी। उनका कहना था कि केवल परीक्षा में उत्तीर्ण होना ही सफलता का अंतिम पैमाना नहीं होता, बल्कि जीवन में आगे बढ़ने के अनेक रास्ते और अवसर उपलब्ध होते हैं।
स्कूल जीवन है सबसे अनमोल समय
अपने स्कूली दिनों को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यालय का समय जीवन का सबसे मूल्यवान समय होता है, जो दोबारा लौटकर नहीं आता। इसलिए पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद, सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियों में भागीदारी भी उतनी ही आवश्यक है, ताकि सर्वांगीण विकास संभव हो सके।
लक्ष्य तय कर सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें
मुख्यमंत्री धामी ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपने लक्ष्य स्पष्ट रूप से तय करें और प्राथमिकताओं के अनुसार आगे बढ़ें। सकारात्मक सोच, निरंतर प्रयास और आत्मविश्वास के साथ किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।
अभिभावकों से बच्चों पर दबाव न डालने की अपील
मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से अनुरोध किया कि वे बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें और उनकी तुलना दूसरों से न करें। इसके बजाय बच्चों का मनोबल बढ़ाएं, उनकी रुचियों को समझें और उन्हें सहयोग प्रदान करें, ताकि वे तनावमुक्त होकर आगे बढ़ सकें।
परीक्षा पे चर्चा 2026 में रिकॉर्ड पंजीकरण
‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ के अंतर्गत देशभर से चार करोड़ से अधिक विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों ने पंजीकरण कराया है, जिससे पूर्व का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड टूटने की संभावना जताई जा रही है। उत्तराखंड से इस वर्ष लगभग 7 लाख विद्यार्थी, 53 हजार से अधिक शिक्षक और 14 हजार से अधिक अभिभावक इस अभियान से जुड़े हैं, जबकि पिछले वर्ष यह संख्या लगभग 2 लाख 98 हजार विद्यार्थियों तक सीमित थी।
उत्तराखंड के छात्र को मिली राष्ट्रीय पहचान
राज्य के विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए 10 प्रेरक वीडियो में से एक वीडियो राष्ट्रीय स्तर पर चयनित हुआ है। यह वीडियो राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पाला कुराली, विकासखंड जखोली, जनपद रुद्रप्रयाग के छात्र रोहन सिंह राणा द्वारा बनाया गया है। उन्हें प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में दिल्ली आमंत्रित किया गया है, जो पूरे उत्तराखंड के लिए गर्व की बात है।
कार्यक्रम में शिक्षा विभाग की रही सक्रिय सहभागिता
कार्यक्रम में महानिदेशक शिक्षा दीप्ति सिंह, निदेशक माध्यमिक शिक्षा डॉ. मुकुल कुमार सती सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।



