
देहरादून। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने देहरादून के इंद्र रोड स्थित फाइटोकेमिस्ट्री एवं आयुर्वेदा सोसाइटी द्वारा आयोजित फाइटोकेमिस्ट्री और आयुर्वेद की संभावनाओं पर आधारित सेमिनार में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया।
21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का होगा
मंत्री जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कथन के अनुसार, 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा और यह अब धरातल पर दिखाई दे रहा है। इसी क्रम में राज्य को 10वें विश्व आयुर्वेद कांग्रेस एवं आरोग्य एक्सपो के सफल आयोजन का अवसर मिला। उन्होंने इस सफलता के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया।
आयुर्वेद और फाइटोकेमिस्ट्री का महत्व
मंत्री जोशी ने आयुर्वेद को भारत की प्राचीन और वैज्ञानिक चिकित्सा पद्धति बताया। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद न केवल रोग उपचार बल्कि मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन और समग्र कल्याण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वहीं, फाइटोकेमिस्ट्री के माध्यम से औषधि विकास, पोषण, कृषि, पौध एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में व्यापक शोध कार्य हो रहे हैं।
उत्तराखंड की जैव विविधता और अवसर
मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की समृद्ध जैव विविधता और वन संपदा नई औषधियों की खोज के लिए अपार संभावनाएं प्रदान करती है। राज्य सरकार आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति को जन-जन तक पहुँचाने और पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण के लिए लगातार कार्य कर रही है। इससे:
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रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे
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पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा
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स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी
एरोमा और सुगंधित औषधियों पर जोर
मंत्री जोशी ने एरोमा और एरोमेटिक मेडिसिन के क्षेत्र में कार्य बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि कृषि, उद्यान और सुगंध पौध केंद्र इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम के अंत में मंत्री जोशी ने सभी को नववर्ष की अग्रिम शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर चेयरमैन एस. फारुख, डॉ. आई.पी. सक्सेना, डॉ. दुर्गेश पंत, वी.के. तिवारी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।



