
जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्यवाही के दिये निर्देश।
शक्तिफार्म। कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने आनंदनगर खैरभट्टी के 1300 मतदाताओं के नाम वोटर सूची से काटने पर नाराजगी जतायी। आनंदनगर में अधिकारियों व ग्रामीणों की बैठक में कैबिनेट मंत्री ने दूसरे हल्के के राजस्व उपनिरीक्षक व ग्राम विकास अधिकारी द्वारा सर्वे कराने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही के निर्देश उपजिलाधिकारी को दिये हैं। उन्होंने ग्रामीणों को मतदाता सूची में नाम जोड़ने का आश्वासन दिया। बताया जाता है कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव से पहले हुए सर्वे के बाद आनंदनगर गांव के 125 भूमिधारी परिवारों सहित करीब तेरह सौ मतदाताओं के नाम निर्वाचन सूची से हटा दिये जाने के कारण ये मतदाता त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में मतदान नहीं कर पाये। ग्रामीणों ने उच्चाधिकारियों सहित अदालत का दरवाजा खटखटाया था। ग्रामीणों का कहना था कि कई परिवार भूमिधरी की जमीन में मकान बनाकर रह रहे हैं। अन्य परिवार वन विभाग की ओर से लीज में दी जमीन में दशकों से रह रहे हैं। हर बार मतदान करते रहे हैं। हाल में ग्रामीणों का शिष्टमंडल देहरादून में कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा से मिला था। कैबिनेट मंत्री ने शासन के उच्चाधिकारियों समेत जनपद के अधिकारियों के साथ बैठक कर समाधान के निर्देश दिये थे। सोमवार को कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा आनंदनगर पहुंचे। अधिकारियों से मतदाता सूची में नाम काटने का कारण जाना। लेकन संतोषजनक उत्तर कोई नहीं दे पाया। अधिकारी इस बात को भी साबित नहीं कर पाये कि कौन वन भूमि व कौन राजस्व भूमि पर रह रहे हैं। बीएलओ ने किसके आदेश पर सर्वे नहीं किया। मौके पर किसी भी अधिकारी का लिखित आदेश नहीं दिखा। मौखिक आदेश पर ही सर्वे का काम नहीं हुआ। यहां तक कि सर्वे कर रही गांव की रहने वाली बीएलओ व उसके परिवारजनों का नाम भी मतदाता सूची से हट गया था। अरविंद नगर के ग्रामीणों के नाम भी मतदाता सूची से हटा दिये थे। जबकि ये लोग पिछले कई दशकों से अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे थे। ग्रामीणों ने कैबिनेट मंत्री श्री बहुगुणा को भूमिधरी के कागजात और पुरानी वोटर लिस्ट को दिखाते हुए कहा कि वह वर्षों से चुनाव में वोट डालते आए हैं। आरोप लगाया कि चुनाव से पहले सर्वे करने वाले कर्मियों की गलती से सैकड़ो परिवार हाशिए पर आ गए हैं। कैबिनेट मंत्री ने उपजिलाधिकारी को निर्देशित किया कि दूसरे हल्कों के राजस्व उपनिरीक्षकों की टीम गठित कर तीन दिन में जांच की जाये। कि कौन परिवार किस भूमि में निवास करता है। भूमिधरी भूमि में रह रहे परिवारों के नाम वोटर सूची में अंकित करने की कार्यवाही की जाये। वन भूमि के मामले में जनपद भर की सभी तहसीलों की रिपोर्ट 31 अक्टूबर तक मांगी गयी है। सरकार रिपोर्ट को कैबिनेट में लाकर केंद्र को भेजेगी। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी रविंद्र जुवांठा, तहसीलदार हिमांशु जोशी, एडीओ पंचायत केसी बहुगुणा, उधम सिंह नगर सहकारी बैंक के निवर्तमान अध्यक्ष योगेंद्र रावत, हरीश बिष्ट, महेश कुमार, गोविंद तालुकदार, कैलाश पाठक, राजू डसीला, आशीष बिष्ट, राम सिंह, गोविंद पोखरिया, विक्रम भंडारी व चंदन बिष्ट आदि मौजूद थे।



