
देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमंडल बैठक में राज्य के विकास, शिक्षा, पर्यटन, पशुपालन, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णयों पर मुहर लगाई गई। कैबिनेट ने विभिन्न जनहितकारी योजनाओं और लंबे समय से लंबित परियोजनाओं को स्वीकृति देकर प्रदेश के समग्र विकास को नई दिशा देने का प्रयास किया है।
पशुपालन क्षेत्र को मिलेगा तकनीकी बढ़ावा
राज्य में गौवंशीय पशुओं की नस्ल सुधार और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से मंत्रिमंडल ने भ्रूण प्रत्यारोपण तकनीक आधारित एक प्रायोगिक परियोजना को मंजूरी दी है। इस पहल के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाली शुद्ध नस्ल के पशुओं की संख्या में वृद्धि होगी, जिससे पशुपालकों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।
चारधाम यात्रा में घोड़े-खच्चरों के बीमा पर सरकार देगी सहायता
चारधाम यात्रा के दौरान उपयोग में आने वाले घोड़े और खच्चरों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने उनके बीमा प्रीमियम का 20 प्रतिशत हिस्सा वहन करने का निर्णय लिया है। वर्ष 2026 की यात्रा के दौरान लगभग 15 हजार पंजीकृत अश्ववंशीय पशुओं को इस योजना का लाभ मिलने की संभावना है।
राज्य आंदोलनकारियों को आरक्षण लाभ देने का निर्णय
राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों को मिलने वाले 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण के संबंध में कैबिनेट ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है। जिन अभ्यर्थियों ने भर्ती परीक्षाओं की आवेदन प्रक्रिया के बाद आरक्षण प्रमाण पत्र प्राप्त किया है, उन्हें दस्तावेज सत्यापन के समय एक अवसर प्रदान कर आरक्षण का लाभ दिया जाएगा।
बिटुमिन की बढ़ती कीमतों के बीच निर्माण कार्यों को राहत
अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और मध्य-पूर्व में चल रहे संघर्ष के कारण कच्चे तेल एवं पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। इसके चलते बिटुमिन के दामों में 30 प्रतिशत से अधिक वृद्धि दर्ज की गई है। इस स्थिति को देखते हुए लोक निर्माण विभाग के लंबित बिटुमिन आधारित कार्यों में निर्धारित नियमों के अनुसार मूल्य समायोजन की अनुमति दी गई है।
आबकारी नीति में संशोधन को मंजूरी
कैबिनेट ने त्रिवर्षीय आबकारी नीति में संशोधन करते हुए उपकर को वैट गणना का हिस्सा बनाने और होलोग्राम शुल्क की दोहरी गणना की व्यवस्था समाप्त करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। इससे कर व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी।
निर्यात बढ़ाने के लिए बनेगी परियोजना प्रबंधन इकाई
निर्यात को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सेलाकुई स्थित सगंध पौधा केंद्र में स्थापित अत्याधुनिक त्वरक द्रव्यमान स्पेक्ट्रोमेट्री मशीन के संचालन के लिए परियोजना प्रबंधन इकाई गठित की जाएगी। यह मशीन सुगंधित तेलों और संबंधित उत्पादों में मिलावट की जांच करेगी। इसके संचालन के लिए पांच विशेषज्ञ पद भी सृजित किए गए हैं।
अंतरराष्ट्रीय हिमालयन कार रैली को मिली मंजूरी
उत्तराखंड को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाने के उद्देश्य से आयोजित की जाने वाली अंतरराष्ट्रीय हिमालयन कार रैली के लिए अनुभवी संस्था का चयन एकल स्रोत पद्धति से किया जाएगा। इस रैली में देश-विदेश के 120 से अधिक प्रतिभागियों को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे साहसिक पर्यटन को नई गति मिलने की उम्मीद है।
उपनल कर्मचारियों के लिए समान वेतन व्यवस्था में संशोधन
समान कार्य के लिए समान वेतन के मामले में उपनल के माध्यम से नियुक्त कर्मचारियों की पात्रता निर्धारण की कट-ऑफ तिथि में संशोधन किया गया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप अब 15 अक्टूबर 2024 को नई कट-ऑफ तिथि के रूप में स्वीकार किया गया है।
नई नियमावलियों को कैबिनेट की स्वीकृति
मंत्रिमंडल ने उत्तराखंड कारागार (संशोधन) नियमावली-2026, उत्तराखंड कारागार कारापाल अधीनस्थ (राजपत्रित) सेवा नियमावली-2026 और उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा (संशोधन) विनियमावली-2026 के प्रख्यापन को भी मंजूरी प्रदान की है।
उत्तराखंड को पूर्ण साक्षर राज्य घोषित करने पर सहमति
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के मानकों के अनुरूप उत्तराखंड को पूर्ण साक्षर राज्य घोषित करने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है। यह राज्य की शिक्षा व्यवस्था और साक्षरता अभियान के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
गोल्डन कार्ड योजना के लंबित भुगतान होंगे जारी
राज्य सरकार स्वास्थ्य योजना के तहत संचालित गोल्डन कार्ड व्यवस्था में विभिन्न अस्पतालों के लंबित बिलों के भुगतान के लिए स्वास्थ्य विभाग को अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। इससे स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में आने वाली वित्तीय बाधाएं दूर होंगी।
किशाऊ बांध परियोजना को मिली नई गति
वर्षों से लंबित किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना को लेकर संबंधित राज्यों के बीच सहमति बनने पर कैबिनेट ने संतोष व्यक्त किया। मंत्रिमंडल ने इसे उत्तराखंड के जल संसाधन विकास, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, ऊर्जा उत्पादन और समग्र आर्थिक प्रगति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। साथ ही इस परियोजना को आगे बढ़ाने में सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के प्रति आभार भी व्यक्त किया गया।



