उत्तर प्रदेशराज्य

‘दैनिक अपराधों पर कड़े एक्शन से दें बड़ा संदेश’, CM योगी ने थाना प्रभारियों को मेरिट पर रखने के दिए निर्देश

लखनऊ स्थित पुलिस मुख्यालय में आयोजित दो दिवसीय पुलिस मंथन के पहले दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सभी सात सत्रों में उपस्थित रहे। इस दौरान उन्होंने कहा कि चेन स्नेचिंग, लूट और महिलाओं के खिलाफ अपराध जैसी घटनाएं जनता में असुरक्षा की भावना पैदा करती हैं। ऐसे अपराधों पर पुलिस द्वारा त्वरित और कड़ी कार्रवाई किए जाने से समाज में एक बड़ा सकारात्मक संदेश जाएगा और लोगों की सोच में बदलाव आएगा।

उत्तर प्रदेश पुलिस का मॉडल देश-दुनिया में सराहा जा रहा
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस का मॉडल आज देश और दुनिया में सराहना प्राप्त कर रहा है। तकनीकी दक्षता, विश्वस्तरीय प्रशिक्षण, संवेदनशीलता और जवाबदेही के कारण अपराधियों में भय और आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास लगातार बढ़ रहा है। बेहतर कार्यप्रणाली से पुलिस व्यवस्था और अधिक प्रभावी बन रही है।

बीट व्यवस्था और चौकीदारों की भूमिका पर जोर
मुख्यमंत्री ने ग्राम पंचायत स्तर पर तैनात चौकीदारों को पुलिस बीट व्यवस्था से प्रभावी रूप से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बीट पुलिस के आरक्षी और उपनिरीक्षक यदि ग्राम स्तर पर प्रभावी जनसंपर्क स्थापित करें तो आपसी विश्वास मजबूत होगा। इससे कानून-व्यवस्था को जमीनी स्तर पर सुदृढ़ कर एक प्रभावी मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है।

मिशन शक्ति और महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि मिशन शक्ति की सफलता में पुलिस के साथ-साथ अन्य संबंधित विभागों के आपसी समन्वय की भी अहम भूमिका रही है। महिलाओं को आंतरिक और बाह्य दोनों स्तरों पर सुरक्षा उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल देते हुए उन्होंने सार्वजनिक स्थलों, बाजारों और कार्यस्थलों पर एंटी रोमियो स्क्वाड और महिला बीट पुलिस की मजबूत उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

महिला बीट पुलिस से संवाद और जागरूकता बढ़ाने के निर्देश
महिला बीट पुलिस को स्थानीय स्तर पर महिलाओं से नियमित संवाद स्थापित करने और टोल-फ्री सहायता नंबरों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए। इससे महिलाओं को किसी भी स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी।

थाना प्रबंधन और तैनाती में मेरिट को प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने थाना प्रबंधन को पुलिसिंग की रीढ़ बताते हुए स्पष्ट किया कि थाना प्रभारियों की तैनाती केवल मेरिट के आधार पर की जानी चाहिए। उन्होंने अनावश्यक राजनीतिक हस्तक्षेप को सिरे से खारिज करने की बात कही और सुरक्षा व्यवस्था को स्टेटस सिंबल के रूप में नहीं बल्कि आवश्यकता के अनुसार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

आधुनिक थानों और पुलिस ढांचे के विकास की योजना
उन्होंने 50 हजार पुलिसकर्मियों को थानों में तैनात करने तथा शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अलग-अलग मॉडल के आधुनिक थानों के निर्माण पर जोर दिया। इन थानों में पार्किंग, बैरक और पब्लिक सर्विस स्पेस जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर प्रशिक्षण से पुलिस बल अधिक दक्ष, अनुशासित और जनसंवेदनशील बन रहा है।

पुलिस लाइन और कारागार व्यवस्था में सुधार के निर्देश
मुख्यमंत्री ने पुलिस लाइन को जन-जागरूकता और सामाजिक सहभागिता के केंद्र के रूप में विकसित करने की बात कही। साथ ही कारागारों में बंद कुख्यात माफिया और संगठित अपराधियों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने न्यायालय में उनकी उपस्थिति वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।

फोरेंसिक क्षमता बढ़ाने पर विशेष ध्यान
फोरेंसिक क्षेत्र में क्षमता वृद्धि के लिए नव-नियुक्त पुलिस कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण देने की बात कही गई। मुख्यमंत्री ने वाराणसी में प्रस्तावित 50 एकड़ क्षेत्र में विकसित किए जा रहे केंद्र को फोरेंसिक संस्थान से जोड़कर आगे बढ़ाने के निर्देश दिए, ताकि वैज्ञानिक जांच प्रणाली और अधिक सशक्त हो सके।

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