
रुद्रपुर और उधम सिंह नगर जनपद के श्रमिकों के लिए राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए इंजीनियरिंग उद्योगों में कार्यरत श्रमिकों के न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। यह नया वेतनमान 01 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा, जिससे श्रमिकों में उत्साह का माहौल है।
लंबे समय से लंबित मांग हुई पूरी
श्रमिकों की यह मांग काफी समय से लंबित थी, जिसे राज्य सरकार ने गंभीरता से लेते हुए शीघ्र निर्णय लिया। सरकार के इस कदम से औद्योगिक क्षेत्र में कार्यरत हजारों श्रमिकों को सीधा लाभ मिलेगा और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा।
जिलाधिकारी की पहल भी रही अहम
इस मुद्दे को लेकर जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने भी शासन को पत्र भेजकर श्रमिकों की समस्याओं और वेतन वृद्धि की आवश्यकता से अवगत कराया था। प्रशासन की इस पहल ने भी निर्णय प्रक्रिया को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
औद्योगिक क्षेत्र में बड़ी संख्या में श्रमिक
उधम सिंह नगर जनपद औद्योगिक दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र है, जहां बड़ी संख्या में उद्योग संचालित हो रहे हैं। इन उद्योगों में हजारों श्रमिक कार्यरत हैं, जो लंबे समय से वेतन बढ़ाने की मांग कर रहे थे।
प्रदर्शन और ज्ञापन के बाद लिया गया निर्णय
पिछले कुछ समय से विभिन्न श्रमिक संगठनों द्वारा वेतन वृद्धि को लेकर प्रदर्शन और ज्ञापन दिए जा रहे थे। इन गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने श्रमिक हित को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया।
आर्थिक स्थिति और जीवन स्तर में होगा सुधार
न्यूनतम वेतन में वृद्धि से लाखों श्रमिकों और उनके परिवारों को लाभ मिलेगा। इससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।
श्रमिक संगठनों ने किया स्वागत
श्रमिक संगठनों ने सरकार के इस निर्णय को ऐतिहासिक बताते हुए स्वागत किया है। उनका कहना है कि सरकार ने कम समय में उनकी मांगों को समझते हुए समाधान प्रस्तुत किया, जो सराहनीय है।
मुख्यमंत्री का जताया आभार
संगठनों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार ने संवेदनशीलता दिखाते हुए श्रमिकों के हित में सकारात्मक कदम उठाया है।
औद्योगिक विकास को भी मिलेगा बढ़ावा
श्रमिक प्रतिनिधियों के अनुसार यह निर्णय न केवल श्रमिकों के हित में है, बल्कि इससे औद्योगिक शांति बनी रहेगी और उत्पादन क्षमता में भी वृद्धि होगी। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी सरकार इसी तरह श्रमिक कल्याण के लिए कार्य करती रहेगी।



