एल्युमीनियम कैन पर बीआईएस मानदंडों की समयसीमा बढ़ी, पेय पदार्थ उद्योग ने किया स्वागत

नई दिल्ली. वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत आने वाले उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) ने पेय पदार्थों और खाद्य पदार्थों के लिए उपयोग होने वाले एल्यूमिनियम कैन पर अनिवार्य बीआईएस (BIS) सर्टिफिकेशन की समय सीमा को बढ़ा दिया है. सरकार ने यह कदम ऐसे समय में उठाया है जब पेय उद्योग गर्मियों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए स्टॉक जुटाना शुरू कर रहा है. ‘कुकवेयर, बर्तन और खाद्य व पेय के लिए कैन (गुणवत्ता नियंत्रण) आदेश, 2026’ अब बड़े उद्योगों के लिए अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगा.
पेय उद्योग आमतौर पर जनवरी के मध्य से ही गर्मियों के लिए स्टॉक करना शुरू कर देता है. भारत में युवाओं के बीच पारंपरिक कांच की बोतलों के बजाय कैन पैकेजिंग की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है. बीयर और सॉफ्ट ड्रिंक निर्माताओं को डर था कि अनिवार्य बीआईएस नियमों के कारण विदेशी वेंडर्स से कैन आयात करने में दिक्कत आएगी, जिससे बिक्री प्रभावित हो सकती थी. अब समय सीमा बढ़ने से मांग और सप्लाई के बीच के अंतर को भरने में मदद मिलेगी.
मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और आयात की चुनौती
भारत में प्रमुख कैन सप्लायर जैसे ‘बॉल बेवरेज पैकेजिंग इंडिया’ और ‘कैन-पैक इंडिया’ अपनी घरेलू क्षमता का पूरी तरह इस्तेमाल कर चुके हैं. नई मैन्युफैक्चरिंग लाइनें शुरू होने में अभी 6 से 12 महीने का समय लग सकता है. ब्रूअर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (BAI) के मुताबिक, घरेलू स्तर पर कैन उत्पादन की क्षमता फिलहाल मांग से 20 प्रतिशत कम है. ऐसे में विदेशी वेंडर्स से सप्लाई जरूरी है, लेकिन बीआईएस सर्टिफिकेशन की लंबी प्रक्रिया इसमें बाधा बन रही थी.
लागू होने का नया शेड्यूल और मानक
नया आदेश ‘कुकवेयर, बर्तन और खाद्य व पेय के लिए कैन (गुणवत्ता नियंत्रण) विस्तार आदेश, 2025’ के तहत लागू होगा. इसके अनुसार:
बड़े उद्योग: अक्टूबर 2026 से नियम लागू
लघु उद्योग: जनवरी 2027 से नियम लागू
माइक्रो उद्यम: अप्रैल 2027 से नियम लागू
कंपनियों को बीआईएस से लाइसेंस लेकर उत्पादों पर स्टैंडर्ड मार्क लगाना होगा. इसमें मटेरियल कंपोजिशन, प्रेशर रेजिस्टेंस, लीकेज प्रिवेंशन और कोटिंग की गुणवत्ता जैसे कड़े मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा.
इंडस्ट्री ने किया फैसले का स्वागत
ब्रूअर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (BAI) के महानिदेशक विनोद गिरी ने कहा कि यह बहुत ही सही समय पर लिया गया फैसला है, जिससे बड़ी संभावित समस्या टल गई है. यूनाइटेड बेवरेजेज (UBL) जैसी दिग्गज कंपनियों ने भी पहले चिंता जताई थी कि महंगाई से ज्यादा पैकेजिंग मटेरियल की सप्लाई सुनिश्चित करना उनके लिए बड़ी चुनौती है. समय सीमा बढ़ने से अब कंपनियों को देश में उत्पादन क्षमता बढ़ाने का पर्याप्त समय मिलेगा और गर्मियों के दौरान कारोबार में कोई रुकावट नहीं आएगी.


