यूपी में होली से पहले 6 IAS-PCS का ट्रांसफर, योगी सरकार ने लखनऊ से ललितपुर तक किया फेरबदल

लखनऊ में प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर अहम बदलाव करते हुए तीन आईएएस और तीन पीसीएस अधिकारियों के तबादले और अतिरिक्त प्रभार की घोषणा की है। इस फेरबदल का उद्देश्य विभिन्न विभागों में कार्यकुशलता को और मजबूत करना है। दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को उनके मौजूदा दायित्वों के साथ अतिरिक्त जिम्मेदारियां भी सौंपी गई हैं।
बाबू लाल मीना को मिला अतिरिक्त प्रभार
अपर मुख्य सचिव बाबू लाल मीना को उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के साथ-साथ रेशम विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अतिरिक्त उन्हें खाद्य प्रसंस्करण विभाग के विभागाध्यक्ष का भी अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। इससे पहले यह दायित्व टीके शिबू के पास था। सरकार ने प्रशासनिक संतुलन और विभागीय कार्यों में तेजी लाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया है।
राजेश कुमार सिंह को नई अतिरिक्त जिम्मेदारी
प्रमुख सचिव, होमगार्ड्स राजेश कुमार सिंह को अब प्रमुख सचिव, पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। इसके साथ ही उन्हें निदेशक, दिव्यांगजन सशक्तीकरण की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। यह बदलाव इसलिए किया गया है क्योंकि इस विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे प्रमुख सचिव सुभाष चन्द्र शर्मा 28 फरवरी को सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
राजकमल यादव की नई तैनाती
अपर आयुक्त, उद्योग एवं प्रबंध निदेशक उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम के पद पर कार्यरत राजकमल यादव को उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग में विशेष सचिव के रूप में नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति विभागीय कार्यों को नई दिशा देने के उद्देश्य से की गई है।
पीसीएस अधिकारियों के तबादले
पीसीएस अधिकारियों में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। राजेश कुमार श्रीवास्तव को अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति) ललितपुर से अपर आयुक्त, गोरखपुर मंडल बनाया गया है। संजय मिश्रा, जो अंबेडकरनगर में उप जिलाधिकारी के पद पर तैनात थे, उन्हें अब अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति) ललितपुर की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, सिद्धार्थनगर के उप जिलाधिकारी ललित कुमार मिश्रा को मुजफ्फरनगर में उप जिलाधिकारी के पद पर नई तैनाती मिली है।
प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में कदम
प्रदेश सरकार का यह कदम प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और विभागीय कार्यों में बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नई जिम्मेदारियों के साथ अधिकारियों से अपेक्षा की जा रही है कि वे अपने-अपने विभागों में योजनाओं को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाएंगे।



