
मुंबई: आईपीएल टूर्नामेंट के 19वें सीजन से पहले बुधवार को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के साथ आईपीएल कप्तानों की बैठक होगी। इस बैठक में इंपैक्ट सब्स्टीट्यूट नियम और आचार संहिता जैसे मामलों पर चर्चा की जाएगी।
बीसीसीआई के साथ कप्तानों की बैठक एक आम बात है। इस बैठक को भारत के पूर्व खिलाड़ी जवागल श्रीनाथ और नितिन मेनन संबोधित करेंगे, जो क्रमश: मैच रेफरी और अंपायर पैनल के प्रमुख हैं।
जानकारी देना जरूरी
बीसीसीआई के एक अधिकारी ने बताया कि इस साल नियमों में कुछ भी नया नहीं है। कुछ कप्तान और कोच नए हैं, इसलिए उन्हें नियमों के बारे में जानकारी देना जरूरी है। चर्चा के मुख्य बिंदुओं में प्रति ओवर दो बाउंसर, बल्ले के आकार की जांच, गेंद खो जाने या खेलने लायक न रहने पर उसे बदलना, रिटायर्ड आउट के फैसले और लार के इस्तेमाल जैसे विषय शामिल हैं। सितंबर 2022 से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लागू गेंद को चमकाने के लिए लार के इस्तेमाल पर लगा प्रतिबंध आपीएल के 2025 सीजन से पहले हटा दिया गया था।
पिछले साल हुए थे अहम फैसले
इसके विपरीत 2025 में हुई कप्तानों की बैठक के दौरान कुछ अहम फैसले लिए गए थे, जिनमें 10 कप्तानों की सहमति से लार के इस्तेमाल की अनुमति देना सबसे महत्वपूर्ण था। यह भी तय किया गया कि दूसरी पारी में गेंदबाजी करने वाली टीम को 10वें ओवर के बाद एक बार गेंद बदलने का विकल्प दिया जाएगा। यह फैसला शाम के मैचों के दौरान ओस से होने वाली दिक्कतों से निपटने के लिए लिया गया था।
नियम के अनुसार, गेंदबाजी करने वाली टीम का कप्तान गेंद बदलने का अनुरोध कर सकता है, भले ही मैदान पर ओस दिखाई दे रही हो या नहीं, लेकिन नई गेंद का चयन मैदान पर मौजूद अंपायर ही करेंगे। इसके अलावा डीआरएस के दायरे को बढ़ाने का भी फैसला किया गया था। ये सभी नियम आइपीएल के 2026 सीजन में भी लागू रहेंगे।


