
देहरादून। नेहरू कॉलोनी थाना और एलआईयू देहरादून को 20 नवंबर को सूचना मिली कि नेहरू कॉलोनी क्षेत्र में एक बांग्लादेशी युवक अवैध रूप से बॉर्डर पार करके भारत में प्रवेश कर एक महिला के साथ रह रहा है। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संदिग्ध युवक और महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में युवक ने अपना असली नाम ममून हसन पुत्र मोहम्मद अली यासीन निवासी आनंदोवास, थाना मुजीबनगर, जिला मेहरपुर, बांग्लादेश बताया, जबकि महिला ने अपना नाम रीना चौहान पुत्री विश्वजीत सिंह निवासी ट्यूटार, बिरनाद, त्यूणी, देहरादून बताया।
फर्जी पहचान और रहस्योद्घाटन
कड़ी पूछताछ में रीना ने खुलासा किया कि वह वर्तमान में ममून हसन के साथ अलकनंदा एन्क्लेव, नेहरू कॉलोनी में किराये पर रह रही है। उसने स्वीकार किया कि ममून के भारत में रहने के लिए उसने अपने पूर्व पति सचिन चौहान के नाम पर उसके लिए फर्जी भारतीय प्रमाण पत्र बनवाए। दोनों पिछले कुछ समय से खुद को पति-पत्नी बताकर सचिन चौहान और रीना के रूप में रह रहे थे। पुलिस ने इस गंभीर मामले में दोनों के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471, 120B भादवि, तथा पासपोर्ट अधिनियम 1920 की धारा 3 और विदेशी अधिनियम की धारा 14 में मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से कई फर्जी पहचान पत्र और महत्वपूर्ण दस्तावेज भी बरामद किए हैं। फर्जी दस्तावेज उपलब्ध कराने वालों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पूछताछ में सामने आई सच्चाई
पूछताछ में ममून ने बताया कि उसकी और रीना की पहचान फेसबुक के माध्यम से हुई थी। नजदीकियां बढ़ने के बाद वह 2019 में पर्यटन वीजा पर भारत आया और देहरादून में रीना के साथ दो महीने रहा। वीजा समाप्त होने पर वह वापस बांग्लादेश लौट गया। इसके बाद वह 2020 और 2021 में भी वीजा पर भारत आया, लेकिन कोरोना काल में वीजा खत्म होने के बाद अवैध रूप से वापस बांग्लादेश गया और रीना को भी अवैध तरीके से बॉर्डर पार कराकर अपने साथ ले गया। बांग्लादेश में दोनों ने निकाह किया और फिर दोबारा अवैध रूप से भारत आकर देहरादून के अलग-अलग स्थानों पर पति-पत्नी की तरह रहने लगे।
रीना की भूमिका और फर्जी दस्तावेजों का जाल
रीना ने स्वीकार किया कि वह पहले देहरादून के त्यूणी निवासी सचिन चौहान से विवाह कर चुकी थी और दोनों अलग रह रहे थे। इसी दौरान उसकी ममून से फेसबुक पर पहचान हुई और वह उससे मिलने आया। बाद में दोनों बांग्लादेश गए, जहां निकाह के बाद वापस भारत आए। भारत लौटने के बाद रीना ने अपने परिचितों की मदद से ममून के लिए अपने पूर्व पति सचिन चौहान के नाम पर फर्जी दस्तावेज बनवाए। इसी फर्जी पहचान के आधार पर ममून ने देहरादून के एक क्लब में बाउंसर की नौकरी भी कर ली।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण
1. ममून हसन
• मूल निवासी: आनंदोवास, थाना मुजीबनगर, जिला मेहरपुर, बांग्लादेश
• वर्तमान पता: अलकनंदा एन्क्लेव फेस 2, नेहरू कॉलोनी, देहरादून
• उम्र: 28 वर्ष
• फर्जी नाम: सचिन चौहान पुत्र मूलचंद चौहान, निवासी ब्राह्मणवाला, सहस्त्रधारा रोड, कंडोली, थाना रायपुर, देहरादून
2. रीना चौहान
• मूल निवासी: ग्राम ट्यूटार, बिरनाद, थाना त्यूणी, देहरादून
• फर्जी पहचान: रीना चौहान पत्नी सचिन चौहान, निवासी ब्राह्मणवाला खाला, सहस्त्रधारा रोड, रायपुर, देहरादून



