
देहरादून। प्रदेश में तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में सुधार और विस्तार के लिए उत्तराखंड सरकार ने आठ नए पॉलीटेक्निक कॉलेज खोलने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही विश्वविद्यालयों के कैंपस कॉलेजों और पॉलीटेक्निक संस्थानों में लंबे समय से खाली पड़े शैक्षणिक और शिक्षणेत्तर पदों पर जल्द स्थायी नियुक्तियाँ की जाएंगी।
समीक्षा बैठक और अधिकारियों को निर्देश
तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अपने शासकीय आवास पर विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को यह निर्देश दिए कि विभाग में पदोन्नति के लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए और विभिन्न संवर्गों में रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाए। इसका उद्देश्य संस्थानों में शैक्षणिक व्यवस्था को और मजबूत करना है।
शिक्षकों की कमी और गुणवत्ता शिक्षा
डॉ. रावत ने अधिकारियों को विशेष रूप से यह निर्देश दिया कि राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थानों में शिक्षकों की कमी को जल्द दूर किया जाए, ताकि छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि निर्माणाधीन कार्यों में तेजी लाते हुए गुणवत्ता पर विशेष ध्यान रखा जाए।
नए पॉलीटेक्निक कॉलेजों की स्थिति
प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में तकनीकी शिक्षा की पहुंच बढ़ाने के लिए नए पॉलीटेक्निक कॉलेज निम्नलिखित स्थानों पर स्थापित किए जाएंगे:
- चोपता (रुद्रप्रयाग)
- पोखरी (चमोली)
- पौड़ी व सतपुली (पौड़ी)
- नई टिहरी
- टिपली (उत्तरकाशी)
- कपकोट (बागेश्वर)
- पिथौरागढ़
छात्रावास और डीपीसी प्रक्रियाएँ
मंत्री ने निर्देश दिए कि जिन संस्थानों में छात्रावास की आवश्यकता है, उनके लिए डीपीआर तैयार कर जल्द शासन को प्रस्ताव भेजा जाए। साथ ही विभाग के विभिन्न संवर्गों में पदोन्नति के लिए लंबित डीपीसी जल्द कराई जाए।
बैठक में उपस्थिति
बैठक में तकनीकी शिक्षा विभाग और विभिन्न संस्थानों के अधिकारी उपस्थित रहे, और विभागीय विकास योजनाओं और निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।



