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Accenture ने सैलरी इंक्रीमेंट के नियमों में किया बदलाव, जानें कर्मचारियों को कैसे मिलेगा फायदा

नई दिल्ली। ग्लोबल इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) सर्विस कंपनी एक्सेंचर ने मौजूदा आर्थिक हालात को देखते हुए ज़्यादा कर्मचारियों को सैलरी बढ़ोतरी का फ़ायदा देने के लिए अपने सैलरी रिविज़न के तरीके में बदलाव किया है। कंपनी अब सैलरी बढ़ोतरी का 50 प्रतिशत हिस्सा बेस पे में जोड़ेगी, जबकि बाकी 50 प्रतिशत हिस्सा एक बार के पेमेंट के तौर पर दिया जाएगा।

PTI को मिले कंपनी के एक इंटरनल डॉक्यूमेंट के अनुसार, यह नया सिस्टम इस साल जून में सैलरी में बदलाव के मुख्य दौर के दौरान लागू किया गया था। इस व्यवस्था के तहत, टैलेंट और ग्रुप लीड योग्य कर्मचारियों के लिए सैलरी में कुल कितने प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी, यह तय करते हैं और फिर इसे दो बराबर हिस्सों में बांट दिया जाता है। उदाहरण के लिए, अगर किसी कर्मचारी की सैलरी में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाती है, तो 1.5 प्रतिशत उनकी बेसिक सैलरी में जोड़ा जाता है, जबकि बाकी 1.5 प्रतिशत एकमुश्त रकम के तौर पर दिया जाता है।

कंपनी का कहना है कि इस व्यवस्था से कर्मचारियों को तुरंत कैश का फ़ायदा मिलेगा, जो उनके लिए काफ़ी अहम है। साथ ही, बेसिक सैलरी पर लंबे समय के बोझ को सीमित करके, कंपनी ज़्यादा कर्मचारियों को सैलरी में बढ़ोतरी का फ़ायदा दे पाएगी। हालांकि, यह 50:50 वाला नियम उन कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा जिन्हें प्रमोशन मिलता है; उनके लिए सैलरी में होने वाली पूरी बढ़ोतरी पहले की तरह सिर्फ़ बेसिक सैलरी में ही जोड़ी जाएगी। कंपनी ने यह भी साफ़ किया है कि जून में दिया जाने वाला एकमुश्त पेमेंट, दिसंबर में मिलने वाले रेगुलर बोनस की जगह नहीं लेगा।

इसके अलावा, बेसिक सैलरी में बढ़ोतरी और एकमुश्त पेमेंट, दोनों को 2025-26 फाइनेंशियल ईयर के लिए कर्मचारी की योग्य आय का हिस्सा माना जाएगा और बोनस की गणना इन्हीं रकमों के आधार पर की जाएगी। वॉलंटरी इक्विटी इन्वेस्टमेंट प्रोग्राम (VEIP) या एम्प्लॉई स्टॉक परचेज़ प्लान (ESPP) में हिस्सा लेने वाले कर्मचारियों के एकमुश्त पेमेंट पर स्टैंडर्ड डिडक्शन भी लागू होंगे।

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