अभाविप ने मनाया राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस, देशभर में हुए विविध कार्यक्रम

वाराणसी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने अपने 78वें स्थापना दिवस के अवसर पर गुरुवार को देशभर में राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस मनाया। इस मौके पर विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और विभिन्न इकाइयों में अनेक रचनात्मक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
कार्यक्रमों में संगोष्ठियां, युवा संवाद, रक्तदान शिविर, वृक्षारोपण अभियान, स्वच्छता अभियान, करियर मार्गदर्शन सत्र, निबंध एवं वाद-विवाद प्रतियोगिताएं तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल रहे। इन आयोजनों में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लिया और राष्ट्र निर्माण व समाज सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
रचनात्मक अभियानों से विद्यार्थियों को कराया गया परिचित
अभाविप ने इस अवसर पर विद्यार्थियों को संगठन के विभिन्न रचनात्मक अभियानों की जानकारी दी। इनमें सेवार्थ विद्यार्थी, विकासार्थ विद्यार्थी, राष्ट्रीय कला मंच, शोध आयाम, खेलो भारत, मिशन साहसी और एसईआईएल जैसे प्रमुख अभियान शामिल हैं।
इसके साथ ही संगठन ने आगामी वर्ष के लिए कई राष्ट्रव्यापी अभियानों की रूपरेखा भी प्रस्तुत की। इनमें ‘स्क्रीन टाइम टू एक्टिविटी टाइम’, ‘SEIL@60’, ‘वंदे मातरम् के 150 वर्ष’, आपातकाल विरोध के 50 वर्ष, श्री गुरु तेगबहादुर जी के 350वें बलिदान वर्ष और संत रविदास जी के 650वें प्राकट्योत्सव वर्ष से जुड़े अभियान शामिल हैं।
78 वर्षों की यात्रा में छात्र हितों के लिए कार्य
अभाविप ने कहा कि 78 वर्षों की अपनी यात्रा में संगठन ने छात्र हितों के साथ-साथ शिक्षा सुधार, महिला सशक्तीकरण, पर्यावरण संरक्षण, खेल, कला, अनुसंधान और व्यक्तित्व विकास के क्षेत्रों में महत्वपूर्ण कार्य किए हैं।
संगठन के अनुसार, 77 लाख से अधिक सक्रिय सदस्यों के साथ अभाविप विश्व का सबसे बड़ा छात्र संगठन है और लगातार विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य कर रहा है।
BHU में ‘वसुंधरा’ कार्यक्रम में राष्ट्र निर्माण का संदेश
काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में आयोजित ‘वसुंधरा’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि विद्यार्थी परिषद ने हमेशा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को राष्ट्र पुनर्निर्माण से जोड़ा है।
उन्होंने विद्यार्थियों से ज्ञान, चरित्र, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्रभक्ति जैसे मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं।
डॉ. सोलंकी ने कहा, “विद्यार्थी केवल भविष्य के नागरिक नहीं, बल्कि वर्तमान के राष्ट्रनिर्माता हैं।”



