
सितारगंज। ग्रीष्मकालीन धान पर प्रतिबंध लगाकर धान के स्थान पर मक्का और गन्ना फसल को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ग्राम गुरुग्राम में कृषक गोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम में कृषकों को ग्रीष्मकालीन धान न लगाने और वैकल्पिक फसल अपनाने की जानकारी दी गई।
मक्का उत्पादन के फायदे और तकनीक
गोष्ठी में विशेषज्ञों ने कृषकों को मक्का उत्पादन के फायदे समझाए। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अमित भटनागर ने मक्का की उन्नत कृषि तकनीक और फसल के लाभ गिनाए। उन्होंने बताया कि मक्का को भारत सरकार की ओर से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर क्रय करने के लिए एमओयू साइन किया जा रहा है, जिससे किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ मिलेगा।
गन्ना उत्पादन के अवसर
गन्ना विकास विभाग और चीनी मिल सितारगंज के प्रतिनिधियों ने गन्ना फसल उत्पादन की जानकारी साझा की और किसानों से ग्रीष्मकालीन धान के स्थान पर गन्ना बुआई करने की सलाह दी। मुख्य उद्यान अधिकारी सतीश कुमार शर्मा ने उद्यान विभाग की योजनाओं का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया।
प्रशासनिक दिशा-निर्देश
कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी रुद्रपुर और नायब तहसीलदार सितारगंज ने कृषकों को बिना अनुमति ग्रीष्मकालीन धान न लगाने की चेतावनी दी। मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. विकेश कुमार ने कहा कि ऐसे क्षेत्र जहां अधिक पानी के कारण अन्य फसल नहीं हो सकती, वहां किसान व्यक्तिगत आवेदन कृषि विभाग या राजस्व विभाग को देकर ग्रीष्मकालीन धान लगाने की अनुमति प्राप्त कर सकते हैं। अनुमोदन मिलने के बाद ही उपजिलाधिकारी कार्यालय से ग्रीष्मकालीन धान की बुआई की अनुमति जारी की जाएगी।



