उत्तराखंडराज्य

खटीमा में उत्तरायणी कौतिक मेले का भव्य शुभारंभ

खटीमा में कुमाऊँ सांस्कृतिक उत्थान मंच द्वारा बीज निगम परिसर में आयोजित उत्तरायणी कौतिक मेले का शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

पर्वतीय विकास भवन और मंच निर्माण की घोषणा

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पर्वतीय विकास भवन के निर्माण की घोषणा करते हुए जिलाधिकारी को शीघ्र भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने उत्तरायणी मेले को सरकारी कैलेंडर में शामिल करने, आर्थिक सहायता प्रदान करने तथा समिति के अनुरोध पर स्थायी मंच निर्माण की भी घोषणा की।

उत्तरायणी: संस्कृति, आस्था और जीवन दर्शन का उत्सव

मेले को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मकर संक्रांति का पर्व आध्यात्मिक और वैज्ञानिक दोनों दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। उत्तरायणी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, आस्था और जीवन दर्शन का प्रतीक है। ऐसे सांस्कृतिक आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं और हमारी समृद्ध विरासत को आगे बढ़ाते हैं।

आधुनिकता के दौर में सांस्कृतिक पहचान पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिकता के इस युग में अपनी सांस्कृतिक पहचान को संजोकर रखना अत्यंत आवश्यक है और उत्तरायणी कौतिक जैसे आयोजन इसमें अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को विकास का आदर्श मॉडल बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

खटीमा के विकास कार्यों का उल्लेख

खटीमा को अपना घर बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र में स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल और आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ किया गया है। हाईटेक बस स्टैंड, आधुनिक आईटीआई और पॉलीटेक्निक कॉलेज, 100 बेड का अस्पताल, राष्ट्रीय स्तर का खेल स्टेडियम, सड़कों का व्यापक नेटवर्क तथा खटीमा-टनकपुर के बीच प्रस्तावित सैन्य स्मारक क्षेत्र के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हैं।

सुशासन, महिला सशक्तिकरण और ऐतिहासिक फैसले

मुख्यमंत्री ने सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी दर में ऐतिहासिक कमी आई है। सख्त कानूनों के माध्यम से अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण किया गया है। समान नागरिक संहिता और नकल विरोधी कानून जैसे निर्णयों से उत्तराखंड में सुशासन की मजबूत नींव रखी गई है। महिला सशक्तिकरण पर बल देते हुए उन्होंने मातृशक्ति को उत्तराखंड की संस्कृति की सच्ची संवाहक बताया।

जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति

कार्यक्रम में मेयर दीपक बाली, नगर पालिका अध्यक्ष रामेश चंद्र जोशी, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में मेलार्थी उपस्थित रहे।

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