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गौतम गंभीर से छिनेगी कुर्सी! BCCI ने टेस्ट में इस दिग्गज को दिया कोचिंग का ऑफर; आई हैरान करने वाली रिपोर्ट

भारत को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में मुह की खानी पड़ी थी. टीम इंडिया 0-2 से दो मैचों की टेस्ट सीरीज हारी थी. हालांकि, इसके बाद भारत ने वनडे और टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों की सीरीज जीती. लेकिन अफ्रीकी टीम के खिलाफ टेस्ट सीरीज में मिली हार के बाद गंभीर के रेड बॉल कोच को लेकर सवाल उठ रहे थे. वहीं अब एक रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. न्यूज एजेंसी पीटीआई की मानें तो भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के एक अधिकारी ने वीवीएस लक्ष्मण को अप्रोच किया था और उनका मन टटोलना चाहा था.

वीवीएस लक्ष्मण से किया गया था संपर्क

भारत के सफेद गेंद के कोच के रूप में गौतम गंभीर का रिकॉर्ड प्रभावशाली है. टीम ने उनके कोच रहते पहले चैंपियंस ट्रॉफी जीती और एसीसी ट्रॉफी भी अपने नाम की. हालांकि, टेस्ट में यह रिकॉर्ड बहुत अच्छा नहीं है. यह समझा जाता है कि पिछले महीने घरेलू मैदान पर दो टेस्ट मैचों की सीरीज में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारत के ‘आत्मसमर्पण’ के ठीक बाद, क्रिकेट बोर्ड में महत्व रखने वाले किसी व्यक्ति ने एक बार फिर अनौपचारिक रूप से वीवीएस लक्ष्मण से यह जानने के लिए संपर्क किया था कि क्या वह लाल गेंद की टीम को कोचिंग देने में रुचि लेंगे.

हालांकि, इस दिग्गज बल्लेबाज ने बेंगलुरु के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में ‘क्रिकेट के प्रमुख’ बनकर रहने पर खुशी जताई है. गंभीर का बीसीसीआई के साथ अनुबंध 2027 वनडे विश्व कप के अंत तक का है. इस बात की पूरी संभावना है कि पांच सप्ताह के बाद शुरू होने वाले टी20 विश्व कप में भारत के प्रदर्शन के आधार पर इस पर फिर से विचार किया जा सकता है.

टेस्ट कोच के तौर पर गंभीर का करियर अनिश्चित

यह समझा जाता है कि बीसीसीआई गलियारों में, अभी भी इस बात पर विचार कर चल रहा है कि क्या गंभीर विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप 2025-27 चक्र के बचे नौ टेस्ट के लिए रेड बॉल टीम के कोच के लिए सही व्यक्ति हैं. इंग्लैंड में पांच टेस्ट मैचों की सीरीज 2-2 से ड्रा होने के बाद, भारत के पास कुछ विदेशी दौरे हैं, जिनमें अगस्त 2026 में श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट और अक्टूबर में न्यूजीलैंड के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज है. इसके बाद भारत 2027 में ऑस्ट्रेलिया की पांच मैचों की सीरीज के लिए मेजबानी करेगी.

बीसीसीआई के एक सूत्र ने नाम न छापने की शर्त पर पीटीआई को बताया,”गंभीर को भारतीय क्रिकेट के सत्ता गलियारों में मजबूत समर्थन प्राप्त है और जाहिर है, अगर भारत टी20 विश्व कप बरकरार रखता है या कम से कम फाइनल में पहुंचता है, तो वह निर्बाध रूप से अपना काम जारी रखेंगे. हालांकि, यह दिलचस्प होगा अगर गंभीर टेस्ट में भी जारी रहेंगे.” सूत्र ने कहा, “उनका फायदा यह है कि लाल गेंद के प्रारूप में बहुत अधिक वैकल्पिक विकल्प नहीं हैं क्योंकि वीवीएस लक्ष्मण सीनियर टेस्ट टीम को कोचिंग देने में रुचि नहीं रखते हैं.”

खिलाड़ियों के अंदर असुरक्षा की भावना

भारतीय ड्रेसिंग रूम, आजकल एक उलझन में है, जहां बहुत सारे खिलाड़ी राहुल द्रविड़ युग के विपरीत गंभीर के युग में सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं. द्रविड़ के तीन साल के कार्यकाल के दौरान खिलाड़ियों को अपनी क्षमता साबित करने के लिए लंबे मौके मिले.

टी20 विश्व कप टीम से शुभमन गिल को बाहर किए जाने पर हर जगह गंभीर के निशान मिलते हैं. इसने निश्चित रूप से कई खिलाड़ियों को यह विश्वास दिलाया है कि अगर भारतीय क्रिकेट के अगले पोस्टर बॉय को किनारे किया जा सकता है, तो फिर चूकने पर उनका नंबर भी आ सकता है.

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