उत्तर प्रदेशराज्य

पाकिस्तान की सना के इश्क में सरहद लांघ गया था यूपी का बादल, सजा पूरी कर अब लौटेगा भारत

अलीगढ़: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक के जरिए अलीगढ़ के बादल बाबू की जब पाकिस्तान की सना रानी से बातचीत शुरू हुई और ये छोटी-छोटी गुफ्तगू का सिलसिला प्यार में बदल तो उसने कई सपने संजो लिए. इन्हीं सपनों को पंख देने के लिए बादल ने हर सीमा को पार करने की ठान ली.

अपने प्यार को पाने के लिए बादल सरहद पार करके अवैध रूप से दुश्मन देश में घुस गया. जहां उसे उसकी प्रेमिका नहीं काल-कोठरी मिली. दरअसल, पाकिस्तानी सेना ने उसे अवैध रूप से देश में घुसते हुए पकड़ लिया था और जेल में डाल दिया.

करीब एक साल की सजा पूरी करने के बाद बादल बाबू को अब पाकिस्तान की जेल से रिहा कर दिया गया है. हालांकि रिहाई के बाद उसे औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी होने तक पाकिस्तान के डिटेंशन सेंटर में रखा गया है. औपचरिकताएं पूरी होने के बाद उसे भारत भेज दिया जाएगा.

अलीगढ़ के थाना बरला क्षेत्र के गांव खिटकारी का रहने वाला बादल बाबू सितंबर 2024 में फेसबुक के जरिए पाकिस्तानी युवती सना रानी के संपर्क में आया था. बातचीत धीरे-धीरे प्यार में बदली और इसी प्यार को पाने की चाह में बादल ने बड़ा और खतरनाक कदम उठा लिया. वह बिना पासपोर्ट और वीजा के अवैध तरीके से भारत-पाक सीमा पार कर पाकिस्तान पहुंच गया.

27 दिसंबर 2024 को पाकिस्तानी सीमा में अवैध रूप से घुसने के आरोप में बादल बाबू को गिरफ्तार कर लिया गया. गिरफ्तारी के बाद मामला तब और गंभीर हो गया, जब पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों को उस पर भारतीय एजेंट होने का शक हुआ. इसके चलते बादल से लंबी और गहन पूछताछ की गई. हालांकि जांच में ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं मिला, जिससे जासूसी के आरोप साबित हो सकें.

मामला पाकिस्तानी अदालत में पहुंचा, जहां सबूतों, सना रानी और अन्य संबंधित लोगों के बयानों के आधार पर अदालत ने बादल बाबू को अवैध रूप से सीमा पार करने का दोषी मानते हुए एक साल कैद की सजा सुनाई. बादल ने यह पूरी सजा पाकिस्तान की जेल में काटी.

अब सजा पूरी होने के बाद पाकिस्तान के अधिवक्ता फियाज रामे ने बादल के पिता कृपाल सिंह को उसके जेल से रिहा होने की जानकारी दी है. पिता कृपाल सिंह का कहना है कि फिलहाल बादल को सीधे भारत नहीं भेजा गया है, बल्कि उसे डिटेंशन सेंटर में रखा गया है, जहां कागजी औपचारिकताएं और दोनों देशों के बीच जरूरी प्रक्रिया पूरी की जा रही है. इसके बाद उसे भारत भेजा जाएगा.

पिता कृपाल सिंह ने बताया कि घर पर उम्मीद और बेचैनी दोनों का माहौल है. उन्होंने भारत सरकार और विदेश मंत्रालय से भावुक अपील की है कि उनके बेटे को जल्द से जल्द भारत वापस लाया जाए. उन्होंने कहा कि गलती की कीमत उनका बेटा पहले ही चुका चुका है. अब उसे अपने परिवार के पास लौटने का मौका मिलना चाहिए.

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