
मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में शनिवार को देहरादून में व्यय वित्त समिति की एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा प्रस्तुत विकास प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा के बाद उन्हें स्वीकृति प्रदान की गई। इन प्रस्तावों का उद्देश्य राज्य में अधोसंरचना, नागरिक सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करना है।
परियोजनाओं की समयबद्धता और गुणवत्ता पर जोर
मुख्य सचिव ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि प्रत्येक परियोजना के लिए स्वीकृति से लेकर पूर्णता तक स्पष्ट समय-सीमा तय की जाए। उन्होंने कहा कि विभागीय स्तर पर नियमित निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित होनी चाहिए, जिससे कार्य समय पर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जा सकें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा।
नंदा राजजात यात्रा की तैयारियों पर विशेष निर्देश
बैठक के दौरान नंदा राजजात यात्रा की तैयारियों को लेकर भी विशेष दिशा-निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने कहा कि यात्रा से संबंधित सभी विकास एवं सुविधा कार्य निर्धारित समय के भीतर पूरे किए जाएं, ताकि श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
पेयजल, सड़क और पार्किंग से जुड़ी परियोजनाओं को स्वीकृति
बैठक में पेयजल विभाग की लोहाघाट टाउन पंपिंग पेयजल योजना को ₹8444.67 लाख की लागत से मंजूरी दी गई। वहीं रामनगर, जनपद नैनीताल में ₹3857.64 लाख की लागत से मल्टीस्टोरी पार्किंग के निर्माण को भी हरी झंडी मिली। लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत नंदप्रयाग घाट–सुतोल–कनोल मोटर मार्ग के सुदृढ़ीकरण एवं डामरीकरण कार्य के लिए ₹1289.21 लाख स्वीकृत किए गए।
सार्वजनिक सुविधाओं और सुरक्षा ढांचे का विस्तार
टनकपुर, जनपद चम्पावत में मीडिया सेंटर, गेस्ट हाउस एवं कम्युनिटी हॉल के निर्माण हेतु ₹1424.52 लाख के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही पीएसी बटालियन रुद्रपुर के लिए आरटीसी एवं 188 बैडेड बैरक निर्माण पर ₹1991.54 लाख खर्च किए जाने को स्वीकृति मिली।
डिजिटल और शहरी विकास योजनाओं को बढ़ावा
देहरादून में साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के निर्माण के लिए ₹3034.78 लाख की राशि स्वीकृत की गई। इसके अलावा AMRUT 2.0 योजना के अंतर्गत विभिन्न नगर निकायों में पेयजल आपूर्ति, पार्कों के विकास तथा जलाशयों के कायाकल्प से संबंधित प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। मुख्य सचिव ने विशेष रूप से पार्कों और जलस्रोतों के संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण पर ध्यान देने के निर्देश दिए।
वरिष्ठ अधिकारियों की रही उपस्थिति
बैठक में सचिव शैलेश बगौली, श्रीधर बाबू अद्दांकी, विनोद कुमार सुमन, एस.एन. पाण्डेय, युगल किशोर पंत, अपर सचिव विनीत कुमार, निवेदिता कुकरेती, विम्मी सचदेव सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



