उत्तराखंडराज्य

उत्तराखण्ड कैबिनेट का ऐतिहासिक फैसला: बनबसा (चम्पावत) में हुई बैठक, राज्यहित के 24 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर लगी मुहर

बनबसा/चम्पावत: मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में रविवार को राज्य मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक एन.एच.पी.सी. परिसर, बनबसा (जनपद चम्पावत) में आयोजित की गई। इस बैठक में राज्य के सर्वांगीण विकास, प्रशासनिक सुधार, राजस्व, शिक्षा, रोजगार और जनहित से जुड़े 24 प्रमुख प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई।

बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णयों का विवरण निम्नलिखित है:

1. भूमि, राजस्व एवं अवसंरचना संबंधी निर्णय

  • वर्ग-3 एवं वर्ग-4 की भूमि का विनियमितीकरण: नैनीताल के नगर पंचायत लालकुआं में पट्टेदारों/कब्जाधारकों को संक्रमणीय भूमिधरी अधिकार तथा देहरादून के जौनसार-बावर में वर्ग-4 की भूमि के विनियमितीकरण को मंजूरी दी गई। यह प्रक्रिया एक वर्ष के लिए 2004 के सर्किल रेट पर विस्तारित रहेगी, जिसके बाद वर्तमान सर्किल रेट लागू होंगे।

  • पंतनगर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट: एयरपोर्ट विस्तारीकरण से प्रभावित उत्तराखण्ड सीड्स एण्ड तराई डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड को नवनिर्माण व अन्य कार्यों हेतु ₹66.2916 करोड़ की अवशेष धनराशि जारी करने की स्वीकृति दी गई।

  • सिंचाई एवं जल निकासी नया विधेयक: अप्रासंगिक हो चुके 1873 के उत्तरी भारत नहर एवं जल निकास अधिनियम को निरस्त कर राज्य की परिस्थितियों के अनुकूल नया ‘उत्तराखण्ड सिंचाई एवं जल निकासी विधेयक, 2026’ विधानसभा में लाने की मंजूरी दी गई।

  • जमींदारी विनाश नियमावली में संशोधन: उत्तराखण्ड (उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था नियमावली, 1952) में पारदर्शी क्रियान्वयन हेतु प्रक्रियात्मक संशोधन को स्वीकृति मिली।

  • नया उप निबंधक कार्यालय: मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत टिहरी गढ़वाल की तहसील नरेन्द्रनगर में नए उप निबंधक कार्यालय की स्थापना होगी, जिसमें नरेन्द्रनगर के 98 और पावकी देवी के 35 राजस्व ग्राम शामिल होंगे।

2. वित्त, राजस्व एवं डिजिटल पारदर्शिता

  • FRBM अधिनियम 2026 संशोधन: 01 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक वार्षिक राजकोषीय घाटे की सीमा GSDP का 3% तथा कुल संचयी ऋण सीमा 30% निर्धारित की गई। आपदा व सुरक्षा स्थितियों में इसमें नियमानुसार छूट रहेगी।

  • स्टाम्प लेन-देन में PAN सत्यापन: संपत्ति क्रय-विक्रय के लेन-देन में क्रेता-विक्रेता के PAN कार्ड का ऑनलाइन सत्यापन अनिवार्य किया गया, जिससे फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी और आयकर डेटा में पारदर्शिता आएगी।

  • छठवां राज्य वित्त आयोग प्रतिवेदन: पंचायतीराज व निकायों हेतु वर्ष 2026-27 से 2030-31 की अवधि के लिए प्रस्तुत वित्त आयोग की संस्तुतियों की रिपोर्ट आगामी विधानसभा सत्र में रखी जाएगी।

  • सार्वजनिक परिसंपत्तियों के मुद्रीकरण का अंश: निवेश व आधारिक संरचना अधिनियम के तहत परिसंपत्तियों के विनिवेश/मुद्रीकरण से प्राप्त आय का 92% हिस्सा संबंधित सार्वजनिक अभिकरणों को देने का प्रावधान किया गया।

3. प्रशासनिक, कानून एवं सेवा सुधार

  • सतर्कता अधिष्ठान का पुनर्गठन व पद सृजन: सतर्कता अधिष्ठान (Vigilance) के ढांचे का पुनर्गठन करते हुए 11 पुराने पदों को समर्पित कर 6 नए पदों (अपर उपनिरीक्षक व मुख्य आरक्षी आदि) का सृजन किया गया।

  • कानूनी संहिताओं के अनुरूप संशोधन: भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 के लागू होने के क्रम में सतर्कता अधिष्ठान की 1965 की अधिसूचना में आवश्यक धारा-संशोधन मंजूर किए गए।

  • सहायक लोक अभियोजक की नियुक्ति: भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 19(3) के तहत जिला मजिस्ट्रेट द्वारा 14 दिन की पूर्व सूचना देकर किसी मामले में सहायक लोक अभियोजक नियुक्त करने की अधिसूचना को मंजूरी दी गई।

  • कर्मचारी आचरण नियमावली 2026: राज्य कर्मचारियों की चल-अचल संपत्ति घोषणा संबंधी नियमों को अखिल भारतीय सेवा नियमावली के अनुरूप अद्यतन किया गया तथा पूर्व की अनुवाद त्रुटियों को सुधारा गया।

4. वन एवं पर्यावरण प्रबंधन

  • वन विभाग में प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (PMU): वन भूमि हस्तांतरण मामलों के तकनीकी व ऑनलाइन परीक्षण हेतु नोडल अधिकारी (वन संरक्षण) कार्यालय में PMU के गठन और 6 नए पदों को मंजूरी दी गई।

  • विभागाध्यक्ष व्यवस्था में फेरबदल: नंदा देवी बायोस्फियर रिजर्व के निदेशक को विभागाध्यक्ष सूची से हटाकर मुख्य वन संरक्षक (कुमाऊँ) व मुख्य वन संरक्षक (गढ़वाल) को विभागाध्यक्ष घोषित किया गया, ताकि वनाग्नि व मानव-वन्यजीव संघर्ष पर त्वरित निर्णय लिए जा सकें।

5. शिक्षा, रोजगार एवं कौशल विकास

  • मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा कौशल संवर्धन योजना 2026: 1.19 लाख विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता बढ़ाने के लिए ₹200 करोड़ के बजट से 5-वर्षीय योजना संचालित की जाएगी।

  • निजी विश्वविद्यालयों हेतु नए मानक: पर्वतीय क्षेत्रों में न्यूनतम 2,500 वर्गमीटर तथा मैदानी क्षेत्रों में न्यूनतम 20,000 वर्गमीटर निर्मित क्षेत्र अनिवार्य किया गया। गुणवत्ता मूल्यांकन के पृथक मानक तय होंगे।

  • समूह ‘ग’ साक्षात्कार प्रक्रिया संशोधन: उप कारापाल (Deputy Jailor) पद पर physical व लिखित परीक्षा के चलते साक्षात्कार व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। जिला युवा कल्याण अधिकारी पद को इस नियमावली से हटाया गया।

  • लोक सेवा आयोग परिसीमन संशोधन: जिला युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल अधिकारी का पद राजपत्रित समूह ‘ख’ का होने के कारण इसे आयोग के समूह ‘ग’ परिशिष्ट से बाहर किया गया।

6. स्वास्थ्य, पशुपालन एवं कृषि कल्याण

  • चिकित्सकों के वेतन/मानदेय का पुनर्निर्धारण: राजकीय मेडिकल कॉलेजों में सीनियर/जूनियर रेजिडेंट और डिमॉन्स्ट्रेटर की कमी दूर करने हेतु मानदेय का पुनर्गठन किया गया।

  • वैक्टर जनित रोग नियंत्रण सेवा नियमावली 2026: स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत इस सेवा में कार्यरत कर्मियों की भर्ती व सेवा शर्तों के नियम प्रख्यापित किए गए।

  • पशुपालन, डेयरी व मत्स्य पालन हेतु महानिदेशक: तीनों विभागों में बेहतर समन्वय और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु महानिदेशक (Director General) के नए पद का सृजन किया गया।

  • कुक्कुट आहार सब्सिडी का Direct DBT: Poultry Feed Subsidy अब e-RUPI/CBDC के बजाय सीधे लाभार्थियों के आधार-लिंक्ड बैंक खातों में direct bank transfer (DBT) से भेजी जाएगी।

  • सौन्दर्याकरण उपशाखा निक्षेपित: उद्यान विभाग के अंतर्गत गठित सौन्दर्याकरण उपशाखा को न्यायाधिकरण के आदेशानुसार समाप्त/निक्षेपित कर दिया गया।

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