उत्तराखंडराज्य

सफाई कर्मचारियों के अधिकारों और सुरक्षा से नहीं होगा कोई समझौता: सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष भगवत प्रसाद मकवाना

देहरादून। राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष भगवत प्रसाद मकवाना ने सोमवार को बीजापुर गेस्ट हाउस में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में उन्होंने सफाई कर्मचारियों के अधिकारों, सामाजिक-आर्थिक कल्याण तथा केंद्र व राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की।

उन्होंने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि सफाई कर्मचारियों की समस्याओं का संवेदनशीलता और समयबद्ध सीमा के भीतर समाधान सुनिश्चित किया जाए।

“मैनहोल को बनाएँ ‘मशीन होल’, मैनुअल सफाई पर पूरी तरह लगे रोक”

अध्यक्ष भगवत प्रसाद मकवाना ने ‘हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों के नियोजन का प्रतिषेध और उनका पुनर्वास अधिनियम’ के सख्त क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया।

उन्होंने कहा:

  • सुरक्षा एवं आधुनिक तकनीक: किसी भी पर्यावरण मित्र (सफाई कर्मचारी) को सेप्टिक टैंक या सीवर में मैनुअल तरीके से न उतरना पड़े।

  • यांत्रिक संसाधनों का प्रयोग: सीवर और टैंकों की सफाई के लिए आधुनिक मशीनों, रोबोटिक तकनीक और यांत्रिक संसाधनों का अधिक से अधिक उपयोग किया जाए।

  • मशीन होल अवधारणा: मैनहोल को अब पूरी तरह ‘मशीन होल’ के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से काम किया जाए।

सुरक्षा उपकरण, प्रशिक्षण और वेतन वृद्धि के निर्देश

सफाई कर्मचारियों के कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अध्यक्ष ने निम्नलिखित प्रमुख निर्देश जारी किए:

  • प्रशिक्षण व PPE किट: पर्यावरण मित्रों को सफाई कार्य, सुरक्षा मानकों और आपात स्थितियों से निपटने का नियमित प्रशिक्षण दिया जाए और उन्हें उच्च गुणवत्तायुक्त पीपीई (PPE) किट उपलब्ध कराई जाए।

  • वेतन वृद्धि का प्रस्ताव: कर्मचारियों की वर्तमान वेतन व्यवस्था की समीक्षा कर वेतन बढ़ाने का प्रस्ताव शासन को भेजा जाए तथा उनका न्यूनतम वेतन सुनिश्चित किया जाए।

  • समय पर भुगतान: वेतन और अन्य देयकों (दैनिक भत्तों) का भुगतान समय पर हो, इसके लिए पर्याप्त बजट का प्रावधान किया जाए।

‘नमस्ते’ योजना, स्वास्थ्य बीमा और बच्चों की शिक्षा पर जोर

  • ‘नमस्ते’ (NAMASTE) योजना से जुड़ाव: राष्ट्रीय मशीनीकृत स्वच्छता पारिस्थितिकी तंत्र (नमस्ते) योजना से अधिक से अधिक सफाई मित्रों को जोड़ा जाए, ताकि वे सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त हो सकें।

  • बीमा एवं शिक्षा सहायता: कर्मचारियों के लिए जीवन व स्वास्थ्य बीमा सुविधाओं को बेहतर बनाने और उनके बच्चों की शिक्षा हेतु फंड व आर्थिक सहायता की विशेष कार्ययोजना तैयार की जाए।

  • स्वरोजगार व पहचान पत्र: कर्मचारियों के परिजनों को कौशल विकास और स्वरोजगार योजनाओं से जोड़ा जाए तथा सभी पात्र कर्मचारियों को आधिकारिक पहचान पत्र (ID Card) प्रदान किए जाएँ।

बैठक में उपस्थित वरिष्ठ अधिकारी

बैठक के अंत में आयोग के अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि पर्यावरण मित्रों के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।

इस अवसर पर निम्नलिखित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे:

  • विनोद गिरि गोस्वामी (अपर सचिव एवं निदेशक, शहरी विकास)

  • के.के. मिश्रा (अपर जिलाधिकारी – ADM)

  • स्वतंत्र कुमार सिंह (अपर पुलिस अधीक्षक – ASP)

इसके अलावा संबंधित विभागों के कई अन्य उच्च अधिकारी भी समीक्षा बैठक में शामिल रहे।

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