
खटीमा (उधम सिंह नगर) — उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को लोहियाहेड हेलीपैड स्थित कैंप कार्यालय में आम नागरिकों और जनप्रतिनिधियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने जनता की समस्याओं व सुझावों को गंभीरता से सुना तथा संबंधित अधिकारियों को शिकायतों का त्वरित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के कड़े निर्देश दिए।
जनसमस्याओं का त्वरित समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता
जनसुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जनसेवा ही सरकार का मूल उद्देश्य है और आम नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर है।

मुख्यमंत्री के मुख्य निर्देश:
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संवेदनशीलता और पारदर्शिता: अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि हर शिकायत का गहनता से परीक्षण कर प्रभावी समाधान निकालें, ताकि आम जनता को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।
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त्रिसूत्रीय मंत्र: सरकार प्रदेश में “सरलीकरण, समाधान और संतुष्टि” के मंत्र के साथ कार्य कर रही है।
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प्रशासनिक जवाबदेही: शासन और प्रशासन की सार्थकता तभी है, जब अंतिम व्यक्ति को उसकी समस्या का शीघ्र और संतोषजनक समाधान मिले।
पर्वतीय क्षेत्रों में शिक्षा का आधुनिकीकरण: डिजिटल लर्निंग सेट का शुभारंभ
कैंप कार्यालय से ही मुख्यमंत्री ने राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, तकनीकी रूप से समृद्ध और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल की।
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डिजिटल पहल: चम्पावत जिले के लोहाघाट, पाटी, बाराकोट और चम्पावत ब्लॉक में स्थित छह सरस्वती शिशु एवं विद्या मंदिर विद्यालयों के लिए ‘डिजिटल लर्निंग सेट’ का रिबन काटकर विधिवत शुभारंभ किया गया।
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क्षेत्रीय विकास की प्रतिबद्धता: जनप्रतिनिधियों के साथ क्षेत्रीय विकास और जनहित के मुद्दों पर विस्तृत चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप नागरिक सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख जन प्रतिनिधि एवं अधिकारी
इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों की गरिमामय मौजूदगी रही:
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अजय मौर्य (अध्यक्ष, जिला पंचायत)
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अनिल कपूर ‘डब्बू’ (दर्जा मंत्री)
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मोहिनी पोखरिया
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अमित पांडेय
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नितिन सिंह भदौरिया (जिलाधिकारी)
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अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं स्थानीय जनप्रतिनिधिगण



