उत्तराखंडराज्य

उत्तराखंड में बेरोजगारी व पलायन के खिलाफ ‘काम मांगो अभियान’: राजीव गांधी पंचायती राज संगठन ब्लॉक स्तर पर चलाएगा आंदोलन

देहरादून: उत्तराखंड में बढ़ती बेरोजगारी, ग्रामीण क्षेत्रों से निरंतर हो रहे पलायन और स्थानीय स्तर पर रोजगार के सीमित अवसरों को लेकर राजीव गांधी पंचायती राज संगठन ने राज्यव्यापी ‘काम मांगो अभियान’ शुरू करने का निर्णय लिया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं और ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी रोजगार संबंधी समस्याओं को चिन्हित करना और सरकार के समक्ष स्थानीय स्तर पर स्थायी रोजगार की मांग उठाना है।

प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में हुई उच्चस्तरीय बैठक

प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय में संगठन की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक राष्ट्रीय महासचिव एवं उत्तराखंड प्रभारी दीपक राठौर की उपस्थिति तथा प्रदेश अध्यक्ष ललित फर्स्वाण की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में राज्य की वर्तमान सामाजिक-आर्थिक स्थिति, बेरोजगारी और पलायन पर गंभीर मंथन के बाद इस अभियान को पूरे प्रदेश में चरणबद्ध तरीके से चलाने का प्रस्ताव पारित किया गया।

“यह भीख नहीं, युवाओं के अधिकार और सम्मान की लड़ाई”: ललित फर्स्वाण

प्रदेश अध्यक्ष ललित फर्स्वाण ने कहा कि उत्तराखंड का युवा आज योग्यता के बावजूद रोजगार की तलाश में दर-दर भटकने को मजबूर है। सरकार के रोजगार और स्वरोजगार के दावे धरातल पर निष्प्रभावी साबित हो रहे हैं।

  • अभियान का उद्देश्य: ‘काम मांगो अभियान’ केवल मांग पत्र सौंपने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह युवाओं के अधिकार और सम्मानजनक रोजगार के लिए एक सशक्त जन-आंदोलन बनेगा।

  • प्रथम चरण की कार्ययोजना: अगले दो महीनों के भीतर प्रदेश के सभी 13 जिलों के कम से कम एक-एक ब्लॉक में यह अभियान शुरू किया जाएगा।

  • अभियान की शुरुआत: इस अभियान का शुभारंभ चमोली जिले के जोशीमठ ब्लॉक से होगा। प्रथम चरण में चमोली के साथ हरिद्वार, देहरादून, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल जिलों को शामिल किया गया है।

गांवों के सशक्तीकरण और रोजगार नीति पर बल: दीपक राठौर

राष्ट्रीय महासचिव एवं उत्तराखंड प्रभारी दीपक राठौर ने स्पष्ट किया कि ग्रामीण क्षेत्रों को मजबूत किए बिना उत्तराखंड का समग्र और सतत विकास संभव नहीं है।

प्रमुख मांगें व नीतिगत सुझाव:

  • स्थानीय संसाधनों का उपयोग: मनरेगा, लघु एवं कुटीर उद्योग, कृषि, बागवानी, पशुपालन, पर्यटन और स्वरोजगार के माध्यम से गांव स्तर पर आजीविका के नए अवसर पैदा किए जाएं।

  • पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया: सरकारी विभागों में रिक्त पड़े पदों पर शीघ्र पारदर्शी तरीके से भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाए।

  • स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता: रोजगार योजनाओं और स्थानीय उद्योगों में उत्तराखंड के युवाओं को प्राथमिकता दी जाए।

पंचायत स्तर तक पहुंचेगा संगठन

संगठन की रणनीति के अनुसार, इस अभियान को जनपद, ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर तक ले जाया जाएगा। इसके तहत युवाओं, ग्रामीणों और स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों से संवाद कर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसे सरकार के समक्ष प्रस्तुत कर दबाव बनाया जाएगा। बैठक के उपरांत आयोजित पत्रकार वार्ता में भी इन बिंदुओं को प्रमुखता से रखा गया।

बैठक में प्रमुख पदाधिकारियों की उपस्थिति

बैठक में प्रदेश महामंत्री (संगठन) राजेंद्र सिंह भंडारी, गढ़वाल मंडल प्रभारी गंभीर सिंह जयाड़ा, देहरादून प्रभारी धीरज देसाई, हरिद्वार प्रभारी विमल भारती, रुड़की प्रभारी गौरव शर्मा, नैनीताल प्रभारी सौरभ, हल्द्वानी महानगर अध्यक्ष विजय, ऊधमसिंह नगर प्रभारी विमल शाहू और संयोजक महेश त्रिकोटी सहित विभिन्न जनपदों के कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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