
हल्द्वानी। नैनीताल जिले के ज्योलीकोट और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में पीलिया (Jaundice) और डायरिया का प्रकोप तेजी से फैलने के बाद शिक्षा विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ज्योलीकोट क्षेत्र के कई प्रमुख स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों को अग्रिम आदेशों तक पूरी तरह बंद रखने के निर्देश जारी किए गए हैं।
बीमारियों के प्रसार को रोकने के लिए एहतियाती कदम
ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश सिंह बिष्ट के निर्देशों के बाद खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) ने विद्यालयों को बंद करने का आदेश जारी किया। प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय बच्चों में संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लिया गया है।
अग्रिम आदेशों तक बंद रहने वाले प्रमुख स्कूल
क्षेत्र के निम्नलिखित सरकारी, गैर-सरकारी और कॉन्वेंट विद्यालयों में अवकाश घोषित किया गया है:
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सरकारी विद्यालय: राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) ज्योलीकोट, राजकीय प्राथमिक विद्यालय ज्योली, राजकीय प्राथमिक विद्यालय ज्योलीकोट, राजकीय प्राथमिक विद्यालय गांजा और राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय छीड़ागांजा।
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निजी व कॉन्वेंट स्कूल: सेंट एंथोनी कॉन्वेंट ज्योलीकोट, सेंट एंथोनी कॉलेज ज्योलीकोट, हिमालयन एकेडमी ज्योलीकोट, बाल संसार स्कूल ज्योलीकोट और नेचर वैली इंटरनेशनल स्कूल सरियाताल।
ये आंगनबाड़ी केंद्र भी रहेंगे बंद
बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर ज्योली, ज्योलीकोट, सरियाताल, भल्यूटी और बेलुवाखान स्थित सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को भी अनिश्चितकाल (अग्रिम आदेशों) तक बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की अपील
शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से बच्चों की सेहत पर पैनी नजर रखने, उबला हुआ पानी इस्तेमाल करने और किसी भी प्रकार के लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करने की अपील की है।



