
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में उत्तराखंड स्टेट सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी एंड गुड गवर्नेंस (USCPGG) की शासी निकाय की बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों, चुनौतियों और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नीति निर्माण में शोध, नवाचार और प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जाए।
बैठक में लिए गए मुख्य निर्णय एवं पहल
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छात्रों के लिए कैपस्टोन परियोजना: राज्य के प्रमुख विश्वविद्यालयों के प्रतिवर्ष 10 स्नातकोत्तर (Postgraduate) छात्र-छात्राओं को कैपस्टोन परियोजना के तहत स्टाइपेंड देने पर सहमति बनी, जिससे प्राथमिकता वाले विषयों पर शोध को बढ़ावा मिलेगा।
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पुस्तक का विमोचन: मुख्यमंत्री ने ‘Uttarakhand at 25: A Himalayan State with Infinite Possibilities’ पुस्तक का विमोचन किया। इस पुस्तक में उत्तराखंड के 25 वर्षों की विकास यात्रा और उपलब्धियों का ब्योरा शामिल है।
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उत्कृष्टता पुरस्कार व क्षमता विकास: विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों के लिए गरिमापूर्ण पुरस्कार समारोह आयोजित करने तथा ब्लॉक व जनपद स्तर के अधिकारियों के प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास पर जोर दिया गया।
राज्य के विकास हेतु सदस्यों द्वारा दिए गए प्रमुख सुझाव
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आर्थिक व ग्रामीण विकास: हाई वैल्यू-लो वॉल्यूम (High Value-Low Volume) उत्पादों को बढ़ावा देने, MSME क्षेत्र पर फोकस करने और पर्वतीय क्षेत्रों में ‘होम टूरिज्म’ से रोजगार सृजित करने की बात कही गई।
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शोध व अध्ययन: राज्य के भावी विकास से जुड़े आठ प्रमुख सुधार क्षेत्रों पर विस्तृत शोध कराने तथा विश्वविद्यालयों को विकास योजनाओं से सक्रिय रूप से जोड़ने का सुझाव दिया गया।
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मृदा और स्वास्थ्य क्षेत्र: नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मिट्टी (Soil Health) और स्वास्थ्य क्षेत्र को प्रमुख फोकस एरिया में शामिल करने की सिफारिश की गई।
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वार्षिक मॉनिटरिंग: योजनाओं के नियमित मूल्यांकन और लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए वार्षिक मॉनिटरिंग व्यवस्था को मजबूत करने पर बल दिया गया।
सतत विकास लक्ष्यों (SDG) और विकसित उत्तराखंड-2047 की रणनीति
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हिमालयी राज्यों में उत्तराखंड प्रथम: बैठक में बताया गया कि यूएनडीपी (UNDP) के सहयोग से चलाए जा रहे सतत विकास लक्ष्यों (SDG) के क्रियान्वयन में उत्तराखंड सभी हिमालयी राज्यों में पहले स्थान पर है।
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भावी विकास के 6 मुख्य स्तंभ: ‘विकसित उत्तराखंड-2047’ की दिशा में आर्थिक विकास एवं रोजगार, मानव संसाधन एवं कल्याण, वन व जलवायु अनुकूलन, अवस्थापना (Infrastructure) विकास, स्थानीय स्वशासन, और तकनीक आधारित सुशासन पर विशेष ध्यान देने पर सहमति बनी।
बैठक में प्रमुख उपस्थिति
इस अवसर पर विधायक उमेश शर्मा ‘काऊ’, विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु एवं आर. मीनाक्षी सुंदरम सहित विभिन्न संस्थानों के विशेषज्ञ और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



