
देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) आईएसबीटी और मॉल परिसर की व्यवस्थाओं को आधुनिक एवं व्यवस्थित बनाने की दिशा में तेजी से काम करेगा। सोमवार को एमडीडीए में उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में रेनोवेशन, यात्री सुविधाओं, सुरक्षा, विद्युत व्यवस्था और व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़े कई प्रस्तावों पर सहमति बनी।
दुकानों और कियोस्क के किराये का होगा पुनर्निर्धारण
बैठक में आईएसबीटी परिसर की दुकानों, कार्यालयों, रेस्टोरेंट और कियोस्क के किराये का पुनर्निर्धारण करने का निर्णय लिया गया। लंबे समय से लंबित अनुबंधों का भी नवीनीकरण किया जाएगा।
नए कियोस्क लगभग तैयार हैं। ऐसे में पुराने लाइसेंसधारियों को नए कियोस्क में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। नए अनुबंधों में कड़े प्रावधान शामिल किए जाएंगे, ताकि कियोस्क को किसी अन्य व्यक्ति को किराये पर देने या निर्धारित व्यवसाय की प्रकृति बदलने जैसी गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके।
भूतल का बेहतर उपयोग, कार्यालयों की होगी शिफ्टिंग
आईएसबीटी के भूतल का बेहतर उपयोग करने के लिए यूटीसी ऑफिस, यूनियन ऑफिस और हिमाचल रेस्ट रूम को प्रथम तल पर शिफ्ट करने पर सहमति बनी। खाली होने वाले स्थान का उपयोग यात्रियों की सुविधाओं को बढ़ाने के लिए किया जाएगा।
इसके अलावा प्रशासनिक कार्यालय को रेस्टोरेंट नंबर-2 में शिफ्ट करने और वर्तमान कार्यालय को सर्वर रूम एवं रिकॉर्ड रूम के रूप में इस्तेमाल करने की योजना बनाई गई है।
आधुनिक तकनीक से होगा शौचालयों का पुनर्निर्माण
आईएसबीटी परिसर के शौचालयों का उच्च गुणवत्ता और तकनीकी मानकों के अनुरूप पुनर्निर्माण किया जाएगा। ए-ब्लॉक का शौचालय निर्माण अंतिम चरण में है।
शौचालयों में दुरुपयोग, तोड़फोड़ और चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए न्यूनतम उपयोग शुल्क निर्धारित करने पर भी सहमति बनी।
चरणबद्ध तरीके से बदलेगा प्लेटफॉर्म का फर्श
आईएसबीटी के प्लेटफॉर्म का फर्श चरणबद्ध तरीके से बदला जाएगा। निर्माण कार्य के दौरान आवश्यकता के अनुसार संबंधित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को अस्थायी रूप से खाली कराया जाएगा।
बंद अवधि के दौरान प्रभावित प्रतिष्ठानों के किराये को नियमानुसार समायोजित या कम करने की व्यवस्था की जाएगी।
ओला-ऊबर के लिए बनेगा निर्धारित कैब बूथ
यात्रियों की सुविधा और कैब संचालन को व्यवस्थित करने के लिए आईएसबीटी परिसर में ओला-ऊबर सहित ऑनलाइन कैब सेवाओं के लिए निर्धारित बूथ विकसित किया जाएगा।
इससे यात्रियों को कैब लेने में सुविधा होगी और परिसर में अनावश्यक भीड़ एवं जाम की स्थिति को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
पुलिस गश्त और स्ट्रीट लाइट व्यवस्था होगी मजबूत
आईएसबीटी परिसर में शराबियों, जुआरियों और चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए नियमित पुलिस गश्त बढ़ाई जाएगी।
इसके साथ ही पुरानी स्ट्रीट लाइट, लाइट पोल और पावर केबल को चरणबद्ध तरीके से बदला जाएगा। एसटीपी की निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए आवश्यक पावर केबल और एचडीपीई पाइप उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाएगी।
रेनोवेशन से निकलने वाले कबाड़ का होगा निस्तारण
रेनोवेशन कार्य के दौरान निकलने वाली लोहा, टिनशेड और अन्य निष्प्रयोज्य सामग्री का चरणबद्ध तरीके से निस्तारण किया जाएगा। इसका उद्देश्य परिसर में अनावश्यक सामग्री जमा होने से रोकना और यात्रियों के आवागमन को सुचारु बनाए रखना है।
मॉल परिसर में होगा सौंदर्यीकरण
बैठक में मॉल परिसर के हार्टिकल्चर और इंजीनियरिंग कार्यों की भी समीक्षा की गई। एनएचएआई कार्यालय हटने और नाले का निर्माण पूरा होने के बाद खाली हुए स्थान पर तारबाड़ और सौंदर्यीकरण कराया जाएगा।
इससे अवैध कब्जे, अनधिकृत पार्किंग और गंदगी जैसी समस्याओं पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
चिलर सिस्टम और पेयजल व्यवस्था होगी दुरुस्त
मॉल परिसर में चिलर सिस्टम, कंडेनसर और इवापोरेटर मोटर पैनल की मरम्मत की जाएगी। इसके अलावा आठ ड्रिंकिंग वाटर पैनलों को दुरुस्त किया जाएगा। खराब पैनलों को बदला जाएगा और मोटरों की ओवरहॉलिंग भी की जाएगी।
पंप रूम में जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए डी-वाटरिंग पंप लगाया जाएगा।
बिजली व्यवस्था में भी किए जाएंगे जरूरी सुधार
इसके अलावा 11 केवी वैक्यूम सर्किट ब्रेकर रूम और रिंग मेन यूनिट रूम में जलभराव रोकने के लिए आवश्यक तकनीकी एवं सुरक्षा उपाय किए जाएंगे।
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि आईएसबीटी और मॉल प्राधिकरण की महत्वपूर्ण परिसंपत्तियां हैं। यात्रियों, आमजन और व्यवसायियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि रेनोवेशन, शौचालय, प्लेटफॉर्म, प्रकाश, सुरक्षा और विद्युत व्यवस्था से जुड़े कार्यों में तेजी लाई जाएगी।
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि स्वीकृत सभी कार्यों की प्रक्रिया तेजी से पूरी कर उन्हें समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारा जाएगा। बैठक में संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।



