
देहरादून। उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर जनपद देहरादून में 12 सितंबर 2026 (शनिवार) को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सीमा डुंगराकोटी ने नागरिकों और वादकारियों से अपील की है कि वे इस अवसर का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और अपने लंबित मामलों का सरल एवं त्वरित समाधान कराएं।
इन मामलों का किया जाएगा निस्तारण
सचिव सीमा डुंगराकोटी ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के समझौता योग्य मामलों की सुनवाई कर आपसी सहमति के आधार पर उनका निस्तारण किया जाएगा।
लोक अदालत में फौजदारी के समझौता योग्य वाद, धारा 138 एनआई एक्ट से जुड़े मामले, मोटर दुर्घटना प्रतिकर वाद, बैंक ऋण एवं वसूली संबंधी प्रकरण, वैवाहिक विवाद, श्रम विवाद, दीवानी मामले, विद्युत एवं जल संबंधी प्रकरणों सहित अन्य मामलों का समाधान किया जाएगा।
11 सितंबर तक कर सकते हैं आवेदन
राष्ट्रीय लोक अदालत में अपने मामलों का निस्तारण कराने के इच्छुक पक्षकार 11 सितंबर 2026 तक संबंधित न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। आवेदन स्वयं या अपने अधिवक्ता के माध्यम से किया जा सकता है।
लोक अदालत से समय और धन की होती है बचत
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अनुसार लोक अदालत में मामलों का निपटारा सरल, शीघ्र और सौहार्दपूर्ण तरीके से किया जाता है। इससे पक्षकारों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिलती है और उनके समय एवं धन की बचत होती है।
इसके अलावा पात्र मामलों में न्यायालय शुल्क वापसी का लाभ भी मिल सकता है। लोक अदालत में दिया गया निर्णय दोनों पक्षों के लिए अंतिम और बाध्यकारी होता है।
आपसी सहमति से समाधान का बेहतर माध्यम है लोक अदालत
सचिव सीमा डुंगराकोटी ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत केवल लंबित मुकदमों के निस्तारण का माध्यम नहीं है, बल्कि यह आपसी संवाद, समझौते और सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा देने वाला प्रभावी मंच भी है।
उन्होंने जनपदवासियों से अपील की कि जिन मामलों का समाधान आपसी सहमति से संभव है, उन्हें राष्ट्रीय लोक अदालत में प्रस्तुत करें और इस वैकल्पिक न्याय व्यवस्था का लाभ उठाएं।



