
जनपद उधम सिंह नगर के रुद्रपुर में शनिवार को विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा विभिन्न स्तरों पर लोगों को मलेरिया के प्रति सचेत करने के लिए पहल की गई।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी की अध्यक्षता में बैठक
मुख्यालय सभागार में मुख्य चिकित्सा अधिकारी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें निजी विद्यालयों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक का उद्देश्य मलेरिया रोग के प्रति जागरूकता बढ़ाना और विद्यालय स्तर पर विद्यार्थियों को इस विषय में शिक्षित करना था। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि स्कूलों की प्रार्थना सभाओं में मलेरिया से बचाव और इसके लक्षणों के बारे में जानकारी दी जाए।

विद्यालयों में प्रतियोगिताओं के माध्यम से जागरूकता
बैठक में यह भी तय किया गया कि छात्र-छात्राओं के बीच भाषण, निबंध और पोस्टर प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाए, ताकि वे रचनात्मक तरीकों से मलेरिया के प्रति जागरूक हो सकें। इस पहल का उद्देश्य बच्चों के माध्यम से समाज के अन्य वर्गों तक भी संदेश पहुंचाना है।
स्वास्थ्य अधिकारियों और विशेषज्ञों की सहभागिता
इस कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. केके अग्रवाल, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. डीपी सिंह, डॉ. एसपी सिंह, डॉ. हरेंद्र मलिक, जिला मलेरिया अधिकारी गुरनाम सिंह और जिला कार्यक्रम प्रबंधक हिमांशु मस्यूनी सहित कई स्वास्थ्य अधिकारी और निजी चिकित्सालयों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम में पूर्व स्वास्थ्य निदेशक डॉ. एल. एम. उप्रेती ने विशेष अतिथि के रूप में भाग लिया।
चिकित्सालयों में भी जागरूकता कार्यक्रम
जनपद के विभिन्न सरकारी और निजी चिकित्सालयों में भी मलेरिया के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए गोष्ठियों का आयोजन किया गया। इस दौरान लोगों को पंपलेट और पोस्टर वितरित कर मलेरिया से बचाव के उपाय बताए गए।
निशुल्क जांच और उपचार की व्यवस्था
स्वास्थ्य विभाग ने मलेरिया की रोकथाम और उपचार के लिए जिला चिकित्सालय, उप जिला चिकित्सालयों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में निशुल्क जांच और दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की है। इससे आम जनता को समय पर उपचार मिल सकेगा।
निजी विद्यालयों की सक्रिय भूमिका
जनपद के प्रमुख निजी विद्यालयों ने भी इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाई। स्कूलों में विभिन्न प्रतियोगिताओं और कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को मलेरिया के प्रति जागरूक किया गया, जिससे समाज में स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित हो सके।


