
देहरादून में उत्तरांचल यूनिवर्सिटी में गुरुवार को किसान मेला एवं कृषि औद्योगिक प्रदर्शनी का भव्य उद्घाटन किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की और मृदा स्वास्थ्य पत्रिका का विमोचन किया। इस अवसर पर प्रगतिशील किसानों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित भी किया गया।
प्रदर्शनी का अवलोकन और संदेश
कृषि मंत्री श्री जोशी ने मेले में लगी विभिन्न कृषि प्रदर्शनी का निरीक्षण किया और आधुनिक तकनीकों से जुड़े स्टॉलों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि कृषि देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसान इसके विकास का आधार हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रबंधन को आयोजन के लिए बधाई दी और शैक्षणिक संस्थानों की जिम्मेदारी पर जोर दिया कि वे अनुसंधान, नवाचार और तकनीकी ज्ञान के माध्यम से कृषि क्षेत्र को नई दिशा दें।
आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक पहल
कृषि मंत्री ने विकसित कृषि संकल्प अभियान का उल्लेख करते हुए बताया कि वैज्ञानिक खेतों तक पहुंचकर किसानों को आधुनिक तकनीक, उन्नत बीज और उर्वरकों की जानकारी प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सतत कृषि पद्धतियों, जैविक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रही है। पर्वतीय क्षेत्रों में परंपरागत कृषि विकास योजना के तहत मोटे अनाज जैसे मंडुवा और झंगोरा के उत्पादन को बढ़ाकर किसानों की आय बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
डिजिटल और संरक्षित खेती के माध्यम से सुधार
कृषि मंत्री ने कहा कि ड्रोन आधारित फसल निगरानी, मृदा स्वास्थ्य परीक्षण और डिजिटल परामर्श सेवाओं के जरिए किसानों को वैज्ञानिक जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही पॉलीहाउस और ग्रीनहाउस जैसी संरक्षित खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे प्रतिकूल मौसम में भी बेहतर उत्पादन संभव हो सके। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत ड्रिप और स्प्रिंकलर प्रणाली अपनाने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
मूल्य संवर्धन और बाजार समर्थन
कृषि मंत्री ने बताया कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए मूल्य संवर्धन और खाद्य प्रसंस्करण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पीएमएफएमई योजना के तहत छोटे प्रसंस्करण इकाइयों को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जबकि किसान उत्पादक संगठनों के माध्यम से किसानों को बेहतर बाजार और उचित मूल्य उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
संवाद और नवाचार का मंच
कृषि मंत्री ने कहा कि इस प्रकार के मेले किसानों, वैज्ञानिकों, विद्यार्थियों और उद्यमियों के बीच संवाद का सशक्त मंच होते हैं। यह नई तकनीकों के आदान-प्रदान और कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उपस्थित गणमान्य व्यक्ति और कार्यक्रम में सहभागिता
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अध्यक्ष जितेंद्र जोशी, कुलपति प्रो. धर्म बुद्धि, प्रो. राजेश बहुगुणा, किसान, छात्र-छात्राएं और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।



