
नई दिल्ली के ऐतिहासिक पूसा परिसर में ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन देश के ग्रामीण परिदृश्य को बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हुआ है। इस अत्यंत महत्वपूर्ण सम्मेलन की अध्यक्षता केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य ‘विकसित भारत @2047’ के दूरदर्शी लक्ष्य को पूरा करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में नई ऊर्जा फूंकना रहा। इस महामंथन में देश के विभिन्न राज्यों के ग्रामीण विकास मंत्रियों, आला अधिकारियों और विषय विशेषज्ञों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और ग्रामीण विकास की योजनाओं, नवाचारों व चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा की।
ग्रामीण विकास के महामंथन में उत्तराखण्ड की भागीदारी और प्रतिबद्धता
इस राष्ट्रीय सम्मेलन में उत्तराखण्ड के ग्राम्य विकास मंत्री भरत सिंह चौधरी ने राज्य का प्रतिनिधित्व करते हुए अपने विचार साझा किए। उन्होंने सम्मेलन के दौरान अन्य राज्यों की अनूठी और सफल कार्यप्रणालियों (Best Practices) को बारीकी से समझा। मंत्री भरत सिंह चौधरी ने स्पष्ट किया कि इस सम्मेलन से मिले बेहतरीन सुझावों और अनुभवों को उत्तराखण्ड की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप लागू किया जाएगा, ताकि केंद्र व राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक बिना किसी बाधा के पहुँच सके।
गांवों का कायाकल्प और अंतिम छोर तक विकास का संकल्प
उत्तराखण्ड सरकार राज्य के पहाड़ी और ग्रामीण अंचलों के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह समर्पित है। मंत्री भरत सिंह चौधरी ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि राज्य में ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, स्थानीय स्तर पर रोजगार व आजीविका के नए साधन पैदा करने और सामाजिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मूल मंत्र ‘गांवों का विकास ही भारत का विकास’ को दोहराते हुए कहा कि उत्तराखण्ड के गांवों को आत्मनिर्भर बनाना ही उनकी सरकार का मुख्य ध्येय है।
मजबूत समन्वय से खुलेगा प्रगति का नया मार्ग
सम्मेलन के समापन पर ग्राम्य विकास मंत्री ने अटूट विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र और राज्य सरकार के आपसी तालमेल और समन्वित प्रयासों से ग्रामीण विकास की गति कई गुना बढ़ जाएगी। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि उत्तराखण्ड आने वाले समय में विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा और देश को साल 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने के महान संकल्प में अपनी सबसे महत्वपूर्ण और सक्रिय भूमिका निभाएगा।



