
रुद्रपुर में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. के. के. अग्रवाल के निर्देशों के अनुपालन में स्वास्थ्य विभाग की PC-PNDT टीम ने एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए सघन चेकिंग अभियान चलाया। यह कार्रवाई रुद्रपुर ब्लॉक क्षेत्र में की गई, जिसमें कई अल्ट्रासाउंड और डायग्नोस्टिक केंद्रों का औचक निरीक्षण किया गया।
नोडल अधिकारी के नेतृत्व में टीम ने किया निरीक्षण
इस अभियान का नेतृत्व PC-PNDT के नोडल अधिकारी डॉ. एस. पी. सिंह ने किया। निरीक्षण दल में तहसीलदार प्रतिनिधि संजय कुमार वर्मा (कानूनगो), जिला चिकित्सालय की डॉ. नम्रता त्रिपाठी, PC-PNDT जिला समन्वयक प्रदीप महर और अधिशासी सहायक गोपाल आर्य शामिल रहे।
10 डायग्नोस्टिक केंद्रों की हुई जांच
टीम ने क्षेत्र के 10 प्रमुख अल्ट्रासाउंड और डायग्नोस्टिक केंद्रों का औचक निरीक्षण किया, जिनमें शामिल हैं—
अरोरा हार्ट केयर सेंटर, पंत चिकित्सालय, एच.बी. हॉस्पिटल, संजीवनी हॉस्पिटल, राजकीय पशु चिकित्सालय, अमृत हॉस्पिटल, प्रतिमा अल्ट्रासाउंड सेंटर, आहन अल्ट्रासाउंड सेंटर, कृष्णा हॉस्पिटल और शुभम हॉस्पिटल।
3 खराब अल्ट्रासाउंड मशीनें सील
निरीक्षण के दौरान पंत हॉस्पिटल की एक खराब अल्ट्रासाउंड मशीन, शुभम हॉस्पिटल की एक खराब अल्ट्रासाउंड मशीन और राजकीय पशु चिकित्सालय की एक पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन सहित कुल 3 मशीनों को सील कर दिया गया।
PCPNDT एक्ट के पालन पर विशेष जोर
अभियान का मुख्य उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक बुराई को रोकना और PC-PNDT एक्ट के प्रावधानों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना है। निरीक्षण के दौरान टीम ने फॉर्म-F के रखरखाव, अभिलेखों के मिलान तथा अनिवार्य सूचनाओं और डिस्प्ले की भी गहन जांच की।
स्वास्थ्य व्यवस्था को पारदर्शी बनाने की दिशा में कदम
स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाया गया यह अभियान चिकित्सा संस्थानों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



