
देहरादून के थाना रायपुर क्षेत्र के ननूरखेड़ा स्थित प्रारम्भिक शिक्षा निदेशालय, उत्तराखण्ड में 21 फरवरी को हुए हंगामे, मारपीट और तोड़फोड़ के मामले में दून पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक हिस्ट्रीशीटर समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
विवाद की शुरुआत और घटना
जानकारी के अनुसार, उस दिन रायपुर विधायक उमेश कुमार काऊ एक प्रकरण के संबंध में निदेशक कार्यालय पहुंचे थे। उनके साथ कुछ अन्य लोग भी मौजूद थे। वार्ता के दौरान अचानक विवाद उत्पन्न हो गया, जिसके बाद कुछ व्यक्तियों ने कार्यालय में अराजकता फैलाते हुए कुर्सियां और अन्य सामान फेंककर तोड़फोड़ की। इस घटना में कार्यालय में मौजूद कुछ कर्मचारियों को चोटें भी आईं।
मुकदमा दर्ज और जांच
इस मामले में निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा उत्तराखण्ड अजय नोडियाल द्वारा थाना रायपुर में तहरीर दी गई। संलग्न मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर 80/26 के तहत बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। वहीं, विधायक की सुरक्षा में तैनात कांस्टेबल सुशील रमोला की तहरीर पर 81/26 के अंतर्गत अलग से अभियोग पंजीकृत किया गया।
आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, उपलब्ध साक्ष्य और वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की। जांच के बाद गिरफ्तार किए गए आरोपियों में अरविन्द पुण्डीर उर्फ कल्ली, लक्ष्मण नवानी, राकेश थपलियाल और अक्षय राणा शामिल हैं, जो थाना रायपुर क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं।
पुलिस का संदेश
पुलिस का कहना है कि सरकारी कार्य में बाधा डालने और कानून-व्यवस्था भंग करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। मामले में विधिक कार्रवाई जारी है और दोषियों को नियमानुसार सजा दिलाई जाएगी।



