
मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश)। अति पिछड़ा वर्ग मोर्चा की ओर से आगामी 19 जुलाई को खतौली में अति पिछड़ा वर्ग के हक, अधिकारों और सामाजिक न्याय को लेकर एक विशाल महापंचायत का आयोजन किया जाएगा। इस महापंचायत को ऐतिहासिक और सफल बनाने के उद्देश्य से रविवार को मुजफ्फरनगर के ग्रीन एप्पल होटल में विभिन्न समाजों के प्रमुख प्रतिनिधियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें आगामी रणनीति पर गंभीर मंथन हुआ।
अधिकारों और सामाजिक भागीदारी को मजबूत करने का संकल्प
बैठक की अध्यक्षता कर रहे अति पिछड़ा वर्ग मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहन प्रजापति ने महापंचायत के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला और समाज को एकजुट होने का संदेश दिया।
राष्ट्रीय अध्यक्ष का आह्वान
मोहन प्रजापति ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि अति पिछड़ा वर्ग के अधिकारों की रक्षा और शासन-प्रशासन में उनकी सामाजिक भागीदारी को मजबूत करना इस महापंचायत का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने खतौली में होने वाले इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी समाजों के प्रतिनिधियों से बढ़-चढ़कर और सक्रिय रूप से सहयोग करने की अपील की।
एकजुटता और भारी भागीदारी का भरोसा
बैठक में मौजूद सभी सामाजिक प्रतिनिधियों ने राष्ट्रीय अध्यक्ष के आह्वान का पुरजोर समर्थन किया। सभी ने एक सुर में महापंचायत को पूरी तरह सफल बनाने का दृढ़ संकल्प लिया और विश्वास दिलाया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों से अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करेंगे।
बैठक में शामिल रहे विभिन्न समाजों के प्रमुख चेहरे
इस महत्वपूर्ण बैठक में अति पिछड़ा वर्ग के अंतर्गत आने वाले विभिन्न समाजों के शीर्ष पदाधिकारी और वरिष्ठ नेता एकजुट हुए।
प्रमुख प्रतिनिधि और पदाधिकारी
बैठक में सैनी समाज के जिला अध्यक्ष नाहर सिंह सैनी, सत कुमार प्रजापति, पाल समाज के जिला अध्यक्ष शिवकुमार पाल, प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश वालिया, और कश्यप समाज के प्रदेश अध्यक्ष अंकित कश्यप ने अपने विचार रखे। इनके साथ ही वरिष्ठ नेता हरेंद्र पाल, जिला अध्यक्ष रमेश पाल, इंद्रमल प्रजापति, विजय पाल, सुनील प्रजापति, सुखपाल कश्यप, सुनार समाज के जिला अध्यक्ष वर्मा, नाई समाज के जिला अध्यक्ष बुल्ली सैन, शादाब कुरैशी, मंडल अध्यक्ष दिनेश पाल, रामधन कश्यप एडवोकेट और भारतवीर प्रजापति सहित विभिन्न समाजों के गणमान्य प्रतिनिधि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।



