
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में चल रही आदि कैलाश यात्रा 2026 के बीच धारचूला क्षेत्र में प्रस्तावित चक्का जाम फिलहाल टाल दिया गया है। स्थानीय टैक्सी यूनियन और व्यापारियों ने प्रशासन के साथ हुई बैठक के बाद आंदोलन स्थगित करने का निर्णय लिया। अधिकारियों की ओर से उचित कार्रवाई और समस्याओं के समाधान का भरोसा दिए जाने के बाद यह फैसला लिया गया।
टैक्सी यूनियन ने बाहरी वाहनों पर जताई नाराजगी
धारचूला तहसील में आयोजित बैठक में स्थानीय टैक्सी यूनियन के पदाधिकारियों ने बाहरी राज्यों से आने वाली टै्सियों के संचालन को लेकर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई। यूनियन का कहना है कि बाहरी टैक्सियों के बढ़ते संचालन से स्थानीय टैक्सी चालकों, व्यापारियों और होमस्टे संचालकों के रोजगार पर सीधा असर पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यात्रा सीजन के दौरान बाहरी वाहन अधिक संख्या में पहुंच रहे हैं, जिससे क्षेत्रीय व्यवसाय प्रभावित हो रहे हैं और स्थानीय लोगों की आय में कमी आ रही है।
प्रशासन ने जांच और कार्रवाई का दिया भरोसा
बैठक के दौरान परिवहन विभाग और प्रशासन ने टैक्सी यूनियन की समस्याओं को गंभीरता से सुना। एआरटीओ अभिनव गड़कोटी ने बताया कि संयुक्त टीम द्वारा तवाघाट चौराहे पर बाहरी राज्यों से आने वाली टैक्सियों के हिल लाइसेंस और अन्य जरूरी दस्तावेजों की जांच की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि निजी वाहनों के जरिए व्यावसायिक रूप से यात्रियों को ढोने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
व्यापार मंडल ने भी स्थगित किया बाजार बंद का निर्णय
धारचूला व्यापार मंडल के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह थापा ने बताया कि प्रशासन से सकारात्मक आश्वासन मिलने के बाद बाजार बंद का निर्णय भी फिलहाल टाल दिया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन जल्द ही प्रभावी कार्रवाई करेगा ताकि स्थानीय व्यापारियों और वाहन संचालकों के हित सुरक्षित रह सकें।
बैठक में तहसीलदार दमन सिंह राणा, कोतवाल हरेंद्र सिंह नेगी, टूर ऑपरेटर हरीश कुटियाल, गुलाब कुटियाल, बृजेश नबियाल, आदित्य गर्व्याल सहित कई वाहन स्वामी और यूनियन पदाधिकारी मौजूद रहे।
टैक्सी यूनियन ने फिलहाल टाला आंदोलन
आदि कैलाश टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष प्रवेश नबियाल ने कहा कि परिवहन विभाग और पुलिस प्रशासन की ओर से संयुक्त कार्रवाई का भरोसा मिलने के बाद 11 मई को प्रस्तावित चक्का जाम कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो यूनियन आगे की रणनीति तय करेगी।
1 मई से शुरू हो चुकी है आदि कैलाश और ओम पर्वत यात्रा
आदि कैलाश और ओम पर्वत यात्रा 1 मई से शुरू हो चुकी है। देशभर से श्रद्धालु भगवान शिव और माता पार्वती की तपस्थली के दर्शन के लिए पिथौरागढ़ पहुंच रहे हैं। अब तक कई यात्री यात्रा पूरी कर दर्शन कर चुके हैं।
आदि कैलाश को भगवान शिव का निवास स्थल माना जाता है। यह पिथौरागढ़ जिले की व्यास घाटी में स्थित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव ने यहां तपस्या की थी, जिसके कारण यह स्थान श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र बना हुआ है।
पर्यटन और स्थानीय रोजगार के बीच संतुलन की चुनौती
आदि कैलाश यात्रा से क्षेत्र में पर्यटन और धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है, लेकिन इसके साथ स्थानीय रोजगार और व्यवसाय को लेकर चुनौतियां भी सामने आ रही हैं। स्थानीय टैक्सी यूनियन और व्यापारियों की मांग है कि यात्रा के दौरान स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी जाए ताकि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था मजबूत हो सके।



