
देहरादून। मसूरी देहरादून डवलपमेंट ऑथोरिटी (एमडीडीए) ने अपने अधिकार क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए गुरुवार को दो अलग-अलग स्थानों पर सीलिंग की कार्रवाई की। प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम ने स्वीकृत मानचित्र और निर्धारित मानकों के उल्लंघन में किए जा रहे व्यावसायिक निर्माणों को चिन्हित कर उन्हें सील कर दिया।
श्रीराम टावर्स में अवैध निर्माण
प्राधिकरण की जानकारी के अनुसार, के.एस. फर्नीचर हाउस द्वारा श्रीराम टावर्स, बंजारावाला रोड, वृंदा गार्डन, देहरादून में बिना अनुमति के व्यावसायिक निर्माण कराया जा रहा था। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि निर्माण एमडीडीए के नियमों के अनुरूप नहीं था, जिसके बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर परिसर को सील कर दिया।
बैंक कॉलोनी में निर्माण पर कार्रवाई
इसी तरह, गिरीश चंद चौधरी द्वारा बैंक कॉलोनी, मोथरोवाला रोड, देहरादून में बिना स्वीकृत नक्शे के निर्माण कार्य किया जा रहा था। निरीक्षण के दौरान नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर प्राधिकरण ने निर्माण स्थल को सील कर कार्य रोकवा दिया।
लगातार निगरानी और निरीक्षण
एमडीडीए ने बताया कि प्राधिकरण क्षेत्र में ऐसे निर्माणों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, जो स्वीकृत नियमों के अनुरूप नहीं हैं। शहर के सुव्यवस्थित और नियोजित विकास को ध्यान में रखते हुए टीम नियमित रूप से निरीक्षण कर रही है ताकि समय रहते अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की जा सके।
प्रवर्तन कार्रवाई के निर्देश
यह कार्रवाई संयुक्त सचिव गौरव बटवाल के निर्देश के अनुसार की गई। मौके पर प्रवर्तन टीम के साथ सहायक अभियंता निशांत कुकरेती, अवर अभियंता नेहा बर्थवाल, सुपरवाइजर जयदीप राणा, और पुलिस बल मौजूद थे। पूरी प्रक्रिया को नियमानुसार संपन्न कराया गया।
एमडीडीए की चेतावनी और नागरिकों के लिए अपील
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि बिना स्वीकृति के किसी भी प्रकार का निर्माण या भूमि उपयोग में बदलाव नियमों के विरुद्ध है। नागरिकों से अपील की गई है कि भवन निर्माण से पहले प्राधिकरण से स्वीकृत मानचित्र अवश्य प्राप्त करें।
एमडीडीए अधिकारियों की टिप्पणियाँ
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि देहरादून और आसपास के क्षेत्रों का नियोजित विकास सुनिश्चित करना प्राधिकरण की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि अवैध निर्माणों के खिलाफ प्रवर्तन अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि निर्माण के दौरान निर्धारित नियमों का पालन अनिवार्य रूप से किया जाए।



