
हरिद्वार में आगामी 30 जुलाई से शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा-2026 के सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सफल संचालन को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सोमवार को जिला कार्यालय सभागार में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
बैठक में सभी विभागों को 25 जुलाई तक समस्त तैयारियां हर हाल में पूरी करने के सख्त निर्देश दिए गए।
श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता
जिलाधिकारी ने कहा कि कांवड़ यात्रा का सफल और सुरक्षित संचालन राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि करोड़ों शिवभक्तों को यात्रा के दौरान सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विभागवार तैयारियों के निर्देश
बैठक में विभिन्न विभागों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गईं—
- सिंचाई विभाग को कांवड़ पटरी मार्ग की क्षतिग्रस्त सड़कों की शीघ्र मरम्मत करने के निर्देश दिए गए।
- जिला पंचायत को झाड़ियों की कटाई, शौचालयों और स्नान गृहों की सफाई तथा आवश्यक मरम्मत कार्य सुनिश्चित करने को कहा गया।
- विद्युत विभाग को निर्बाध बिजली आपूर्ति और झूलते तारों की तत्काल मरम्मत के निर्देश दिए गए।
- जल संस्थान को पर्याप्त पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
- स्वास्थ्य विभाग को मार्ग पर चिकित्सा शिविरों में डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ, दवाइयों और उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश मिले।
सुरक्षा, यातायात और स्वच्छता पर जोर
जिलाधिकारी ने पुलिस विभाग को प्रभावी यातायात व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही कांवड़ मार्ग पर विद्युत पोलों के नीचे किसी भी प्रकार के अस्थायी स्टॉल या फड़ लगाने पर रोक लगाने को कहा गया।
वन विभाग को पेड़ों की शाखाओं की समय पर छंटाई के लिए आवश्यक अनुमति देने तथा नगर निगम और जिला पंचायत को यात्रा मार्गों और शिविर स्थलों पर विशेष स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए।
समन्वय के साथ कार्य करने की अपील
जिलाधिकारी ने सभी विभागों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करने की अपील की। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।



