
रुद्रपुर। मंडलायुक्त दीपक रावत ने सोमवार को जिला सभागार में ग्रामोत्थान, रीप, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण एवं वीबीजी राम जी योजनाओं की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान उन्होंने सीएलएफ और स्वयं सहायता समूहों को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण देने के साथ उनके उत्पादों की गुणवत्ता और पैकेजिंग पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समूहों द्वारा तैयार उत्पादों के बेहतर विपणन की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्रामीण महिलाओं को उनके उत्पादों का उचित मूल्य मिल सके।
मंडलायुक्त ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्राम पंचायतों में खुली बैठकें आयोजित कराकर सभी पात्र व्यक्तियों का सत्यापन कराने तथा उन्हें आवास सूची में शामिल करने के निर्देश दिए।

जनपद में 37 सीएलएफ और 5,972 स्वयं सहायता समूह संचालित
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया एवं मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी ने बताया कि ग्रामोत्थान-रीप परियोजना के अंतर्गत जनपद में 37 सीएलएफ संचालित हैं। इसके साथ ही 5,972 स्वयं सहायता समूहों से करीब 57 हजार परिवार जुड़े हुए हैं।
उन्होंने बताया कि रीप परियोजना के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों के संग्रह के लिए 32 कलेक्शन सेंटर स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 17 कलेक्शन सेंटर का कार्य पूर्ण हो चुका है। एक सीएलएफ द्वारा जरबेरा फूल उत्पादन के लिए पॉलीहाउस का संचालन किया जा रहा है।
ग्रामीण कूड़ा प्रबंधन और महिलाओं की आजीविका पर जोर
रीप परियोजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में कूड़ा प्रबंधन के लिए तीन विकासखंडों में कूड़ा वाहन उपलब्ध कराए गए हैं। वहीं, महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के उद्देश्य से उन्हें ई-रिक्शा संचालन का प्रशिक्षण दिया गया है। इसके तहत 48 महिलाओं को पिंक ई-रिक्शा वितरित किए जा चुके हैं।
प्रत्येक विकासखंड में सामुदायिक लाइब्रेरी का निर्माण किया जा रहा है, जिनका संचालन स्वयं सहायता समूहों द्वारा किया जाएगा। इसके अलावा समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए स्मार्ट डेयरी, मशरूम उत्पादन, स्मार्ट दीदी किचन और सिलाई सेंटर जैसी गतिविधियां भी संचालित की जा रही हैं।
7 विकासखंडों में बनाए गए सात ग्रोथ सेंटर
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत जनपद में 49 हजार 299 लखपति दीदी बनाई गई हैं। योजना के तहत सात विकासखंडों में मूंज घास, रजाई, मसाला, मत्स्य, मिल्क, खिलौने और बेकरी से संबंधित सात ग्रोथ सेंटर स्थापित किए गए हैं।
प्रधानमंत्री आवास के लिए 11,602 आवेदन प्राप्त
अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के अंतर्गत पूर्व में 10,092 प्रधानमंत्री आवास वितरित किए जा चुके हैं। वर्तमान में 11,602 प्रधानमंत्री आवास के लिए आवेदन प्राप्त हुए हैं। इन आवेदनों की पात्रता का सत्यापन ग्राम पंचायतों में खुली बैठक आयोजित कर कराया जा रहा है।
वीबीजी राम जी योजना के तहत 125 दिन रोजगार की गारंटी
बैठक में बताया गया कि वीबीजी राम जी योजना के अंतर्गत प्रत्येक परिवार को 125 दिनों के रोजगार की गारंटी दी गई है। साथ ही मजदूरों का भुगतान सात दिन के भीतर किए जाने का प्रावधान है।
योजना के तहत जल सुरक्षा एवं जल संरक्षण, ग्रामीण अवसंरचना से जुड़े कार्य, आजीविका संवर्द्धन तथा जलवायु परिवर्तन और प्रतिकूल मौसम से निपटने से संबंधित कार्य किए जा सकेंगे। योजना के लिए सात करोड़ रुपये की धनराशि अवमुक्त की गई है। अधिकारियों ने बताया कि ग्रामों में योजना के संचालन के लिए प्रशिक्षण दिया जा चुका है और कार्यों की सूची भी तैयार कर ली गई है।
अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, पीडी हिमांशु जोशी, जिला विकास अधिकारी गोपाल गिरी गोस्वामी, एपीडी रमा गोस्वामी, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. केके अग्रवाल, संयुक्त निदेशक अर्थ एवं संख्या राजेंद्र तिवारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आशुतोष जोशी, मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. वीके सिंह, मुख्य उद्यान अधिकारी एसके शर्मा, मुख्य शिक्षा अधिकारी हरेंद्र मिश्रा, जिला कार्यक्रम अधिकारी मुकुल चौधरी, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी नफील जमील सहित सभी खंड विकास अधिकारी एवं संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।



