
उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में एक 15 वर्षीय छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र की रहने वाली छात्रा पिछले दो दिनों से लापता थी। बरामद होने के कुछ घंटों बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ी और अस्पताल में उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला।
जिला अस्पताल में परिजनों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं का हंगामा
रविवार को पोस्टमार्टम के दौरान जिला अस्पताल में परिजनों के साथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। परिवार का आरोप है कि कुछ युवकों ने छात्रा का अपहरण किया था, लेकिन पुलिस ने समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि छात्रा के साथ दुर्व्यवहार किया गया, जिससे मामले ने और गंभीर रूप ले लिया।
हालांकि पुलिस ने पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया और पूरे मामले की जांच तेज कर दी है।
शुरुआती जांच में विषाक्त पदार्थ से मौत की आशंका
हरिद्वार के एसपी सिटी अभय सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच और पोस्टमार्टम के दौरान छात्रा के शरीर में संदिग्ध विषाक्त पदार्थ मिलने की संभावना सामने आई है। हालांकि वास्तविक कारण की पुष्टि के लिए विसरा सुरक्षित रखकर फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) भेजा जाएगा।
पुलिस ने मामले में एक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है।
ट्यूशन जाने के बाद लापता हुई थी छात्रा
पुलिस के अनुसार छात्रा 8 मई की शाम करीब चार बजे ट्यूशन जाने की बात कहकर घर से निकली थी, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटी। इसके बाद परिजनों ने ज्वालापुर कोतवाली में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया।
मामले की जांच महिला उपनिरीक्षक ललिता चुफाल को सौंपी गई। पुलिस टीम ने तुरंत सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से छात्रा की तलाश शुरू कर दी।
हरिद्वार और ऋषिकेश में दोस्त के साथ बिताया समय
जांच के दौरान पुलिस ने 9 मई की सुबह छात्रा को खोज निकाला। पूछताछ में छात्रा ने बताया कि वह अपने मित्र ऋतिक के साथ हरिद्वार और ऋषिकेश घूमने गई थी। दोनों ने गंगा किनारे समय बिताया और रात कनखल क्षेत्र में रुके थे।
सुबह छात्रा ने अपनी एक सहेली को फोन कर कनखल में होने की जानकारी दी। इसके बाद सहेली ने परिजनों को सूचना दी, जिसके आधार पर पुलिस और परिवार ने छात्रा को बरामद कर लिया।
पूछताछ के बाद परिजनों को सौंप दी गई थी छात्रा
पुलिस पूछताछ के दौरान छात्रा और उसके परिजनों ने किसी प्रकार के अपराध से इनकार किया था। आवश्यक पूछताछ के बाद पुलिस ने छात्रा को दोपहर करीब 3:30 बजे परिजनों को सौंप दिया।
लेकिन उसी शाम छात्रा की तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजन उसे रानीपुर मोड़ स्थित एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार, कई लोगों पर लगे गंभीर आरोप
छात्रा की मौत के बाद पुलिस ने शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया और डॉक्टरों के पैनल द्वारा वीडियोग्राफी के बीच पोस्टमार्टम कराया गया। डॉक्टरों ने शुरुआती स्तर पर विषाक्त पदार्थ की आशंका जताई है।
वहीं परिजनों ने छात्रा के कुछ महिला और पुरुष मित्रों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफएसएल जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस हर एंगल से कर रही जांच
एसपी सिटी अभय सिंह ने कहा कि पुलिस इस पूरे मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। तकनीकी साक्ष्य, कॉल डिटेल और संबंधित लोगों से पूछताछ के आधार पर सच्चाई सामने लाने की कोशिश की जा रही है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि जांच पूरी पारदर्शिता और गंभीरता से की जाएगी।



